हरियाणा की जनता के बीच जो लोकप्रिय होगा उसी को भाजपा आलाकमान लोकसभा चुनाव के लिए टिकट देगा। चाहे वह वर्तमान सांसद हो या टिकट मांगने वाले नेता। भाजपा नेचुरल सर्वेक्षण करवा रही है। उसी के आधार पर टिकट का वितरण किया जाएगा। पार्टी ने नगर परिषद चुनाव में भी ऐसा ही किया था।
सर्वेक्षण के आधार पर ही भाजपा ने प्रत्याशी मैदान में उतारे थे। सर्वेक्षण में सब कुछ सामने आ जाता है। यह बात भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने कही। कबलाना गांव में स्थित जॉय गांव में आयोजित प्रदेश के जिला अध्यक्ष व जिला प्रभारियों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में धनखड़ ने कहा कि भाजपा की तरफ से प्रदेश के 10 लोकसभा क्षेत्रों में से नौ में रैलियां कर ली गई हैं।
प्रदेश में भाजपा की तरफ से संगठन को मजबूत करने के लिए 21 प्रकार के विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अब उनकी समीक्षा की जा रही है। कुरुक्षेत्र में भाजपा पहले रैली कर चुकी है, लेकिन उसे लोकसभा क्षेत्र की रैली नहीं कहा जा सकता है। कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र की रैली की तिथि की घोषणा जल्द ही की जाएगी। फिलहाल एक माह में हुए कार्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है। इसकी सात जुलाई को केंद्र को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
धनखड़ ने बताया कि मोदी सरकार के सफलतापूर्वक नौ वर्ष पूरे होने पर प्रदेशभर में जून के महीने में 21 तरह के बूथ स्तर से लेकर लोकसभा स्तर तक अभियान व कार्यक्रम चलाए गए। इनमें लाभार्थी सम्मेलन, टिफिन बैठक, पुराने कार्यकर्ताओं से मिलन, संयुक्त मोर्चा सम्मेलन, मोदी जी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात सुनना, पीएम मोदी वर्चुअल रैली, प्रबुद्ध सम्मेलन, व्यापारी सम्मेलन आदि सफलतापूर्वक हुए।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि भाजपा ने नौ सफल रैलियां कीं। एक ही दिन में लोकसभा स्तर की तीन-तीन रैलियां कराकर संगठन ने इतिहास रचा है जोकि अपने आप में एक रिकाॅर्ड है। आज की बैठक में महासंपर्क अभियान, रैलियों को लेकर सभी जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों से विस्तृत रूप से चर्चा की है।
इसके अलावा आगामी योजनाओं को लेकर भी रणनीति बनाई गई है व संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की गई है। अध्यक्ष ने कहा कि पौने चार लाख पन्ना प्रमुख बनाए जाने हैं, जिनमें लगभग सवा दो लाख पन्ना प्रमुखों का डाटा आ चुका है।
धनखड़ ने जजपा व भाजपा के गठबंधन के बारे में कहा कि चुनाव के समय दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन नहीं था। दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था, लेकिन पूर्ण बहुमत न होने के कारण गठबंधन हुआ था। फिलहाल गठबंधन सही चल रहा है। भविष्य में क्या होगा यह निर्णय अभी नहीं हुआ है।