साल्हावास। सावन माह में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर लोगों में उत्साह है। गांव खानपुर खुर्द में मुख्य बस स्टैंड पर सेठ बनवारी लाल धर्मशाला में इस बार 37 वां कांवड़ शिविर लगा है। तीन दशक से भी अधिक समय से नजफगढ़ निवासी हरिकिशन शिविर लगा रहे हैं। उनका पूरा परिवार और रिश्तेदार भी यहां आकर शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा करते हैं।
शिविर में कांवड़ियों की सेवा का विशेष प्रबंध किया गया है। उनके ठहरने और नाश्ते खाने की पूरी व्यवस्था यहां की जाती है। जख्मी कांवड़ियों के इलाज के लिए चिकित्सा का प्रबंध भी किया गया है। हर समय ताजा भोजन व शुद्ध पेयजल यहां पर उपलब्ध रहता है। भोजन की व्यवस्था के लिए सात हलवाइयों का प्रबंध किया गया है जो समय-समय पर अलग-अलग प्रकार के भोजन की व्यवस्था करते हैं। परिजन ग्रामवासियों के साथ शिव भक्तों की सेवा भाव में जुटे हुए हैं। नजफगढ़ में रहने वाले हरिकिशन ने बताया कि सावन शुरू होते ही वह अपने पैतृक गांव में आकर परिजनों और ग्रामीणों के साथ शिविर लगाते हैं। पवन गहलोत ने बताया कि भक्तों की सेवा करना उन्हें अच्छा लगता है। यहां पर भगवान शिव की पूजा अर्चना के लिए पंडित चेतराम को नियुक्त किया गया है। वे सुबह शाम यहां पर पूजा पाठ का कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। शिविर में मुख्य रूप से मनोहर लाल, सतीश, सूबे सिंह, इंद्र, पवन गहलोत, प्रिंस व पुनीत का सहयोग है।
शिवरात्रि की तैयारी में जुटे शिवभक्त
क्षेत्र के शिव भक्त मंदिरों में सजावट करने में जुटे हैं। भक्तों ने मंदिरों को रंग-बिरंगी लड़ियों के साथ-साथ फूल मालाओं से सजा रखा है। साल्हावास क्षेत्र के मुख्य मंदिरों में मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार, गोमुख, गंगोत्री से कांवड़ लेकर शिव भक्त यहां पहुंचने लगे हैं। पर्व को लेकर ग्रामीण क्षेत्र शिवमय दिखाई देने लगा है।