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किसानों के अरमानों पर आफत के ओले

Sun, 12 Mar 2017 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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शुक्रवार रात्रि बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि में जिले के कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ है। जहां पर केवल बरसात हुई है वहां के किसान खुश हैं तो ओलवावृष्टि वाले क्षेत्र के किसानों को मायूस होना पड़ा है। ओलावृष्टि के बाद काफी किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसान संगठनों ने बैठक कर मुआवजे की मांग की है। बरसात और ओलावृष्टि के कारण ठंड बढ़ गई है। जिलेभर में कहीं बूंदाबांदी हुई तो कहीं पर अच्छी बरसात हुई। सिरसा में छह एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई है। बरसात के कारण कुछ दिन तापमान नियंत्रण में रहेगा जिससे फसलों को लाभ होगा।
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जिलेभर में बरसात और अधिकतर क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई। जहां पर सिर्फ बरसात हुई हैं वहां पर तो फसलों को लाभ होगा पर जिस क्षेत्र में बरसात के साथ ओले पड़े हैं वहां फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग की है। शुक्रवार रात्रि दस बजे बरसात के साथ ओलावृष्टि शुरू हुई थी जो देर रात तक जारी रही। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि से गेहूं की फसलें बिछ गई हैं जिससे दाना कमजोर पड़ जाएगा। इससे उत्पादन कम होगा। जिले में अधिकतर रकबे में गेहूं की फसल है। प्रदेश में सिरसा सबसे अधिक गेहूं उत्पान करने वाला जिला लंबे अरसे से बना हुआ है। वर्ष 2012 में जिला देशभर में गेहूं के उत्पादन में अव्वल रहा था।
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कई गांवों में सरसों और गेहूं की फसल को भारी नुकसान
डिंगमंडी। प्रकृति की अचानक पड़ी मार से फूलकां, मोरीवाला, कोटली व बाजेकां सहित कई गांवों के किसान बेहद परेशान हैं। शुक्रवार रात्रि को करीब साढ़े दस बजे बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। करीब सात मिनट तक हुई ओलवृष्टि से किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया। बहुत से किसान तो ओलावृष्टि थमते ही रात्रि को ही खेतों में अपने फसलें देखने को दौड़ पड़े।
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ओलावृष्टि से पूरी जमीन ओलों की सफेद चादर से ढक गई। ओलावृष्टि से गेहूं के साथ-साथ सबसे ज्यादा नुकसान पककर तैयार हो चुकी सरसों की फसल पर देखने को मिला है। किसान संतलाल छिंपा, मेवा सिंह बेनीवाल, पप्पू भांभू, सीताराम भांभू ने बताया कि सरसों की पकी हुई फसल जो कटाई के लिए तैयार थी, ओलावृष्टि से सारी फलियों से सरसों के दाने जमीन पर जा गिरे हैं। वहीं गेहूं की फसल से दाने चिटकर जमीन पर आ गिरे। बालियां भी टूटकर बिखर चुकी हैं। उधर घरों की छतों पर भी ओले इस कदर जम गए कि पानी की निकासी तक थम गई। बाद में लोगों ने बर्फ को हटाकर छतों का पानी निकाला। पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से फसलों की विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
गांव बाजेकां के किसान गुरदित्ता, जशपाल सिंह, मखन सिंह, गुरमेज सिंह, हरबंस सिंह, सुभाष चंद्र, परमपाल सिंह, गुरचेत सिंह, सुरजीत सिंह, अमरीक सिंह आदि ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। क्षतिग्रस्त फसलों की गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिया जाए।
...और जमीन पर बिछ गई गेहूूं की फसलें
ओढां। शुक्रवार रात्रि क्षेत्र में तेज हवा के साथ बरसात व हल्की ओलावृष्टि हुई। बरसात के साथ चली तेज हवा के कारण क्षेत्र में गेहूं की फसल चटाई की तरह बिछ गई। नुकसान उन खेतों में ज्यादा हुआ है जिन खेतों में किसानों ने हाल ही में सिंचाई की थी।
जगसीर सिंह, कुलदीप, कुलवंत, निर्मल, गमतूर, हरदेव आदि किसानों ने बताया कि सरसों की फसल की कटाई शुरू हो चुकी है और गेहूं की फसल भी पकने के अंतिम पड़ाव में चल रही है ऐसे में बरसात, ओलावृष्टि तथा तेज हवा उनके अरमानों पर आफत बनकर टूट सकती है। क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की ओलावृष्टि हुई है लेकिन इसने किसानों को सकते में डाले रखा। कई जगहों पर तो किसानों को तेज हवा के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ा क्योंकि जिन किसानों ने मौके पर सिंचाई की थी वो गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इससे फसलों को काफी नुकसान होगा। ओढां, बड़ागुढा व रोड़ी क्षेत्र में बरसात के साथ तेज हवा व कहीं-कहीं हल्की ओलावृष्टि होने का समाचार है जहां कुछ जगहों पर गेहूं की फसल बिछ गई। गांव लकड़ावाली में करीब चार हजार एकड़ फसलों को नुकसान हुआ है। इसी प्रकार आनंदगढ़ व आसपास के गांवों में भी नुकसान हुआ है।
नुकसान होने पर फार्म भरकर जमा करवाएं
उप निदेशक कृषि डॉ. बाबूलाल ने बताया कि हरियाणा राज्य में रबी 2016-17 के दौरान गेहूं, सरसों, चना व जौ की फसलों का बीमा किसानों द्वारा करवाया हुआ है। इन फसलों में ओलावृष्टि व जलभराव द्वारा किसी गांव में फसलों को किसी प्रकार का नुकसान होता है तो किसान तुरंत अपने नुकसान की सूचना उप निदेशक कृषि के कार्यालय में नुकसान होने के 48 घंटे तक प्रारूप नंबर एक में भरकर जमा करवाएं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में ओलावृष्टि व जलभराव से बीमित फसलों में यदि किसी प्रकार का नुकसान हुआ है तो उन किसानों को अपनी फसल के नुकसान की सूचना निर्धारित प्रोफार्मा में भरकर निश्चित समय में जमा करवाएं।
कहां कितनी हुई बरसात
सिरसा - 6 एमएम
रोडी -  3 एमएम
कालांवाली- 5 एमएम
खुईयां-  4 एमएम
गोलेवाला- 5 एमएम
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जिले में फसलों का विवरण
गेहूं - 2,92,000 हेक्टेयर
सरसों- 50,000 हेक्टेयर
जौं- 10,000 हेक्टेयर
चना व अन्य दलहन फसलें- 10,000 हेक्टेयर
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ईंट-भट्ठों पर भी नुकसान
बरसात से ईंट-भट्ठों पर भी नुकसान हुआ है। नेजिया स्थित भट्ठे के संचालक ओम प्रकाश सुथार ने बताया कि ईंटें पथेर कर रखी हुई थी जो बरसात से खराब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार सभ भट्ठों पर ईंटों का नुकसान हुआ है। बता दें कि इन दिनों भट्ठों पर ईंटें पथेर कर एकत्रित की जाती हैं जिन्हें बाद में पकाया जाता है।
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