झज्जर। गुरुकुल के वार्षिकोत्सव में पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गुरुकुल की जमीन सेक्टर छह के लिए अधिग्रहीत कर ली गई थी। गुरुकुल प्रबंधन के पदाधिकारी उनसे मिले और समस्या से अवगत करवाया। इसमें काफी पेचीदगी आ गई थी। जिसके कारण गुरुकुल की जमीन को मुक्त करवाने में सरकार को समय लग गया। गुरुकुलों में सभ्यता संस्कृति से अवगत करवाने का काम किया जाता है। मशीन नहीं मानव बनाने को काम गुरुकुल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फाइलों में कौमे, नुक्ते लग जाते हैं तो उनको ठीक करने में सालों साल लग जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा गुरुकुलों को भी अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की जरूरत है। सरकार जनकल्याणकारी कामों के लिए हमेशा साथ खड़ी है। सीएम ने घोषणा करते हुए कहा कि जिस गुरुकुल में सौ विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं उनको सरकार की ओर से पहले डेढ़ लाख रुपये की ग्रांट थी, लेकिन अब गुरुकुलों को तीन लाख रुपये सीएम कोष से दिए जाएंगे। इसके अलावा जिन गुरुकुलों में दो सौ विद्यार्थी हैं उनको पहले ढाई लाख रुपये की ग्रांट दी जाती थी लेकिन झज्जर गुरुकुल से सीएम ने घोषणा करते हुए पांच लाख की ग्रांट की घोषणा की है। वहीं उन्होंने कहा कि तीन सौ विद्यार्थी वाले गुरुकुलों को पहले साढ़े तीन लाख दिए जाते थे, लेकिन अब उनको सात लाख रुपये सरकार की ओर से दिए जाएंगे।
स्टेडियम का नाम बदलने की घोषणा
गुरुकुल महाविद्यालय झज्जर में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सेक्टर छह में बनने वाले स्वामी ओमानंद सरस्वती संग्रहालय का भूमि पूजन किया। इस दौरान उन्होंने जहाआरां बाग स्टेडियम का नाम बदलकर स्वामी दयानंद सरस्वती के नाम पर रखने की घोषणा भी की। गौरतलब है कि कई वर्षों से आर्य समाज व गुरुकुल की ओर से जहांआरा बाग स्टेडियम का नाम बदलने का लेकर जिला प्रशासन व सरकार के नुमाइदों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल झज्जर गुरुकुल के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद सहित वार्षिकोत्सव में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 10 करोड़ की जमीन को अधिग्रहण होने से मुक्त किया और गुरुकुल के संग्रहालय बनाने के लिए जमीन दी गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने निजी कोष से 51 लाख रुपये गुरुकुल के पुनरुद्धार के लिए दिए।
लोभ-लालच व अन्य प्रलोभनों में आकर धर्मांतरण करना गलत
मीडियाकर्मियों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण बिल पर कहा कि समय-समय पर ऐसे बिल व आचार संहिता बनानी पड़ती है। सैकड़ों लड़कियां व अन्य युवा भी धर्मांतरण जबरन करते हैं, हालांकि धर्मांतरण करना संवैधानिक है, लेकिन लोभ-लालच व अन्य प्रलोभनों में आकर धर्मांतरण करना गलत है। सरकार किसी भी तरह से बिल को लेकर भ्रमित नहीं है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों की संख्या में पानीपत, फरीदाबाद, यमुनानगर में ऐसी घटनाएं हुई हैं। समाज में तनाव कम करने व सौहार्द बनाए रचाने के लिए यह बिल बनाया है। मुख्यमंत्री ने गुरुकुल के आचार्य विजयपाल की ओर से गुरुकुल के लिए मांगी गई सभी मांगों को मान लिया।