हुक्के पर चर्चा के दौरान आर्यनगर में बुजुर्ग
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विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों के द्वारा प्रत्याशी घोषित होने के बाद से चुनावी चर्चा हर किसी की जुबान पर है। जहां कहीं हुक्का व ताश की महफिल होती है, वहां पर इन दिनों चुनावी शोर चरम पर मिलता है। बस एक बार चर्चा छेड़ने भर की देर है, वहां बैठे लोग तमाम समीकरण गिना देते हैं।
आर्य नगर में जमी ताश व हुक्के की टीम के बुजुर्ग धर्मपाल, राजसिंह, रामफल व अन्य ने वीरवार को हुक्के पर चुनावी गतिविधियों को लेकर खूब चर्चा की। चुनाव को लेकर सभी का कहना था कि इस बार आरक्षित पर बढ़िया पढ़े-लिखे प्रत्याशी सभी दलों ने उतारे हैं। इस बार टक्कर खिंचने की संभावना ज्यादा दिख रही है। एक बुजुर्ग ने चर्चा छेड़ते हुए कहा कि इस बार तो मुख्य दल कांग्रेस, भाजपा व जजपा तीनों के ही उम्मीदवार मातनहेल गांव से बताए जा रहे हैं। दूसरे ने कहा भाई पढ़े-लिखे ठीक हैं, बने चाहे कोई भी लेकिन क्षेत्र की समस्याएं उठाने में सक्षम दिख रहे हैं। चर्चा आगे बढ़ी तो बात चली कि चुनाव तो अमेरिका की तर्ज पर होने चाहिए। इन रैलियों के तामझाम पर पैसे की बर्बादी हो रही है। नामांकन के नाम पर ही प्रत्याशी एक दिन में लोगों को समय व कितना पैसा खराब करवा देते हैं। देश विज्ञान में तरक्की कर रहा है तो इस सिस्टम को भी अब बदलने की आवश्यकता है।