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प्रशासन का दावा पड़ेगा झूठा, नपा के पास नहीं है एक्सपर्ट

Wed, 24 May 2017 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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लावारिस पशुओं से शहर के लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा अभियान धीमा पड़ गया है। शहर में इस समय भी हर गली और नुक्कड़ पर सांडों के झुंड घूम रहे हैं। जिनसे आमजन को हादसों का खतरा बना रहता है। हालांकि प्रशासन के दावा किया है कि आगामी 31 मई तक झज्जर, बेरी और बहादुरगढ़ शहर को स्ट्रे कैटल फ्री कर दिया जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि शहर में पशुपालन विभाग के द्वारा चिन्हित किए गए सांडों का केवल एक चौथाई हिस्सा ही अभी तक नंदीशाला में पहुंचा है। नपा ने छोटे सांडों को नपा ने काबू करके नंदीशाला में भेज दिया है। लेकिन जो बड़े सांड हैं, वो उनके काबू में नहीं आ रहे। ऐसे सांडों को पशुपालन विभाग की मदद से इंजेक्शन देकर काबू किया जाना है। वर्तमान में दोनों विभागों के बीच सही समन्वय नहीं बन पा रहा, जिसके चलते सांड पकड़ने की मुहिम पिछले करीब एक सप्ताह से ठप्प पड़ी है।
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- 415 में से पकड़े केवल 115
शहर में पशुपालन विभाग के द्वारा 415 सांडों को टैग लगाए गए थे। जिनमें से नपा के द्वारा केवल 115 सांड ही काबू कर नंदीशाला भेजे गए हैं। ऐसे में बाकी बचे 300 सांड अभी भी शहर की सड़कों पर खुले घूम रहे हैं। जो कि आमजन के लिए खतरा बने हुए हैं। यहीं नहीं सांड पकड़ने वाली नपा टीम के कर्मचारी भी सांड के हमले से घायल हो चुके हैं। जिसके बाद अभियान की गति भी कम हो गई हैं।
- सफाई कर्मियों से पकड़वाए जा रहे हैं सांड
सांड पकड़ने के लिए नपा द्वारा किसी भी प्रकार के एक्सपर्ट या गोशालाओं के कर्मचारियों की मदद नहीं ली जा रही। नपा द्वारा अपने ही सफाई कर्मियों से सांडों को काबू करवाया जा रहा है। सफाई कर्मियों की टीम सांडों को काबू करने में जुटी रहती है। अब दिक्कत ये आ गई है कि बड़े सांड आसानी से वाहन में नहीं जाते, जिसके चलते उन्हें पशुपालन विभाग के द्वारा ही काबू करवाया जाएगा।
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ये बोले शहर के व्यापारी
- व्यापार मंडल के जिला प्रधान राकेश अरोड़ा के अनुसार आवारा शहर के लोगों के लिए आतंक का कारण बने हुए हैं। शहर में खरीददारी करने के लिए आए ग्राहकों को बाजार में सांड उठाकर पटक देते हैं। जिससे अब तक काफी लोग घायल हो चुके हैं। सांडों को जल्द काबू कर नंदीशाला में भेजा जाना चाहिए।
- स्वर्णकार संघ के सदस्य जयपाल लांबा का कहना है कि सांडों को पकड़ने के लिए प्रशासन द्वारा फूलप्रूफ अभियान चलाया जाना चाहिए। क्योंकि सांड शहर में इतनी अधिक मात्रा में हैं कि हर गली-चौराहों पर सांडों का झुंड घूमता दिखाई देता है। जिससे शहर और बाजार के लोग हर समय दहशत में रहते हैं।

वर्जन
छोटे सांडों को काबू कर लिया है, बड़ों के लिए पशुपालन विभाग की मदद ली जाएगी। उनकी पूरी कोशिश है कि 31 मई तक झज्जर शहर को स्ट्रे कैटल फ्री कर दिया जाए। स्ट्रे कैटल फ्री के लिए प्रशासन के द्वारा 15 दिन का अतिरिक्त समय भी दिया गया है।
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नरेंद्र सैनी, सचिव, नपा झज्जर।
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