बहादुरगढ़। कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी के स्थायी प्रावधान की मांग के लिए चल रहा किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। टीकरी बॉर्डर पर किसानों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के नेता बलबीर सिंह राजेवाल मुख्य वक्ता रहे। आंदोलनकारी किसानों की लंबे समय तक सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तानाशाह बताया। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें पूरी नहीं हुई तो मई के पहले या दूसरे सप्ताह में आंदोलनकारी किसान पैदल संसद कूच करेंगे। यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्वक होगा। हरियाणा-पंजाब में भाजपा-जजपा नेताओं, मंत्रियों व विधायकों का घेराव करने पर उन्होंने किसानों को बधाई दी।
बलबीर सिंह राजेवाल ने टीकरी बॉर्डर पर सभा में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर 128 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। जब कोई आंदोलन होता है तो सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह आंदोलनकारियों की बात सुने। दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन शुरू होने से पहले पंजाब के किसान पंजाब में रेलवे ट्रैकों पर बैठे थे। सरकार को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि किसान अपने घर चले जाएंगे। हमें मांगें पूरी नहीं होने तक डटे रहेंगे। हम अपने गांवों में अपने फैसले खुद करते हैं। राजेवाल ने कहा कि यह सबसे बड़ा आंदोलन है। बीजेपी के मंत्रियों व विधायकों का गाड़ियों में घूमना बंद करने पर राजेवाल ने हरियाणा और पंजाब के किसानों को बधाई दी। सरकार को बेदर्द बताते हुए कहा कि किसानों ने रेल भी रोकी लेकिन सरकार की फिर भी आंखें नहीं खुली हैं। सारी दुनिया इस आंदोलन को देख रही है।
राजेवाल ने हरियाणा और पंजाब के किसानों को मई के पहले या दूसरे सप्ताह में पैदल चलकर संसद का घेराव करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि घेराव के कार्यक्रम की तारीख अभी तय नहीं की गई है। इस बार हम सरकार को 26 जनवरी वाला मौका नहीं देंगे। पैदल मार्च करेंगे।