झज्जर। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर वीरवार को जिले के लगभग 160 सरकारी चिकित्सक अपनी चार मांगों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे। चिकित्सकों का दावा है कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन, ओपीडी, पोस्टमार्टम और ऑपरेशन नहीं किए जाएंगे। जिले के सरकारी अस्पतालों में रोजाना करीब 5 से 6 हजार मरीजों की ओपीडी होती है। ऐसे में हड़ताल से मरीजों की परेशानी बढ सकती है।
हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग ने आयुष विभाग के 20 डॉक्टरों, वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज से 20 डॉक्टर और एनएचएम के 15 डॉक्टरों की ड्यूटी बेरी, झज्जर, बहादुरगढ़ व मातनहेल के सरकारी अस्पतालों में लगाई है। इसी प्रकार से लगभग 20 आरबीएसके के बीएमएस डॉक्टरों व सीएचओ की ड्यूटी सीएचसी, पीएचसी पर लगाई गई है। सिविल सर्जन ने सभी एसएमओ को निर्देश दिए हैं कि वह किसी प्रकार से मरीजों को दिक्कत नहीं आने दे। उन्होंने एंबुलेंस और पैरामेडिकल स्टॉफ को हाई अलर्ट पर रहने के आदेश भी दिए हैं। वीरवार को ऑपरेशन नहीं होंगे।
सीएमओ ने की एसोसिएशन व एसएमओ के साथ बैठक
हड़ताल को देखते हुए सीएमओ डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने वीरवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बातचीत की और वैकल्पिक व्यवस्था रखी। चिकित्सकों ने हड़ताल पर जाने के लिए कहा। इसके बाद सीएमओ ने सभी एसएमओ से आनलाइन बैठक की और निर्देश दिए कि हड़ताल के चलते वीरवार को किसी मरीज को इलाज में दिक्कत नहीं आने चाहिए।
आज नहीं होगा कोई काम : चहल
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की जिला प्रधान डॉक्टर ममता चहल व महासचिव डॉ. संदीप ने बताया एसोसिएशन की चार मुख्य मांगें हैं, जिसमें पीजी बांड राशि घटाकर 50 लाख करना, डॉक्टर्स को सेंटर के समान वेतन लाभ दिया जाए, जिसमें चौथे एसीपी का लाभ और अलाउंस भी शामिल है।एचसीएमएस कैडर में डायरेक्ट एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक लगाकर इस बारे गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाए, स्पेशलिस्ट कैडर का गठन किया जाए। इन चारों मांगों को सरकार ने 6 महीने पहले जायज मानकर अपनी सहमति जताई थी, लेकिन अभी तक एक भी डिमांड के बारे में सरकार की तरफ से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।
वर्जन
हड़ताल को देखते हुए 55 चिकित्सकों की वैकल्पिक ड्यूटी लगाई गई है, जो बेरी, झज्जर, बहादुरगढ़ व मातनहेल में रहेगी। ये ओपीडी व आपातकालीन सेवाएं देंगे। पोस्टमार्टम के लिए भी डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। हड़ताल के दौरान किसी भी मरीज को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर