हरियाणा सरकार अब सरकारी जमीनों पर कब्जों की निशानदेही ड्रोन के जरिये करवाने वाली है, लेकिन उससे पहले हम सरकार को बता रहें हैं कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ग्रीन बेल्ट पर कब्जे कैसे हो रहे हैं।
बहादुरगढ़ में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ग्रीन बेल्ट पर रेत के सौदागरों ने कब्जा कर लिया है। खाली जमीन पर रोड़ी और बजरी के पहाड़ जैसे स्टॉक कर रखे हैं और वहीं से व्यापार चला रहे हैं। सेक्टर और आसपास रहने वाले लोगों के घरों में बजरी के स्टॉक से रेत की परत तक जमने लगी है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी का कहना है कि कब्जाधारियों को नोटिस दिया गया है और उनके खिलाफ पुलिस केस भी किया जाएगा।
आरडब्ल्यूए के प्रधान सूरजमल व महासचिव गुलाब मलिक का कहना है कि वीरवार को चंडीगढ़ में हरियाणा कैबिनेट ने हुडा विभाग को एचएसवीपी का नाम दे दिया। नाम तो नया है लेकिन इनकी जमीन पर कब्जे पुराने भी हैं और अब नए भी हो रहे हैं। दिल्ली से रेत, बजरी और रोड़ी के स्टॉक बाहर करने के बाद रेत के सौदागरों ने हुडा विभाग की ग्रीन बेल्ट पर कब्जा कर लिया है।
बहादुरगढ़ के सेक्टर-2 के सामने, नया गांव चौक और बालौर चौक पर 100 मीटर की ग्रीन बैल्ट पर रेत, बजरी और रोड़ी के पहाडनुमा स्टॉक कर लिए गए हैं। यहां दिनभर धूल उड़ती रहती है। जिससे आसपास रहने वाले लोग परेशान है। हालांकि सेक्टर-2 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने कई बार शिकायत कर चुकी है। लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एस्टेट अधिकारी विजय राठी का कहना है कि कब्जाधारियों को नोटिस देकर जगह खाली करने को कहा है। उन्होंने कहा कि कब्जाधारियों के खिलाफ पुलिस केस भी किया जाएगा। ताकि कोई व्यक्ति एचएसवीपी यानी पुराने हुडा की जमीन पर कब्जा ना कर सके।