लिंग जांच कराने के आरोपी बादली पुलिस की गिरफ्त में। संवाद
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बादली। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर बादली थाने में 10 लोगों के खिलाफ भ्रूण लिंग जांच और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि चार आरोपी अभी फरार हैं। मामले का मुख्य आरोपी भी पुलिस पकड़ से बाहर है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
जानकारी अनुसार सिविल सर्जन फरीदाबाद को गुप्त सूचना मिली थी कि फरीदाबाद और बादली से गर्भवती महिलाओं को उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच के लिए दिल्ली, नोएडा, हापुड़ और गाजियाबाद ले जाते हैं। जहां लिंग जांच का अवैध व्यवसाय चला रहा है। इसकी एवज में गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम वसूल की जाती है। इसको लेकर जांच के लिए सिविल सर्जन फरीदाबाद ने स्वास्थ्य विभाग की औषधि निरीक्षक फरीदाबाद डॉ. राखी को जांच के लिए अधिकृत किया। टीम ने फर्जी ग्राहक के तौर पर फरीदाबाद की एक महिला को कुल साठ हजार रुपये दिए। इसके लिए उसने बादली से दलाल सुनीता गुलिया व डॉ. मंजीत सैनी लिंग जांच करवाने के लिए संपर्क करवाया। सुनीता और मंजीत ने सौदा साठ हजार रुपये में तय कर लिया। महिला ग्राहक बादली पहुंची तो वहां उसकी मुलाकात सुनीता और मंजीत से हुई। इसके अलावा सिविल सर्जन झज्जर ने एक टीम गठित की। टीम में डॉ. अचल त्रिपाठी नोडल अफसर पीएनडीटी झज्जर, डॉ. हर्षदीप एमओ पीएचसी माजरा डी, डॉ. रवि गोदारा एएमओ पॉलीक्लीनिक सेक्टर झज्जर और अनिल कुमार कंप्यूटर क्लर्क झज्जर शामिल रहे। सौदा तय होने के बाद सुनीता और मंजीत ग्राहक को लेकर नांगलोई (दिल्ली) पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात नवीन व मोंटी नाम के युवकों से कराई गई। जो उन्हें एक कार में नोएडा की तरफ लेकर चले गए। स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद की टीम लगातार उनका पीछा करती रही। कुछ देर बाद नवीन व मोंटी किसान चौक/चार मूर्ति चौक नोएडा पर पहुंचे। जहां उन्हें युवकों ने बाइक पर फर्जी ग्राहक को बैठाया और मसूरी गेट गाजियाबाद ले गए। स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद की टीम में से कुछ सदस्य किसान चौक पर ही रुक गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम निरंतर उनके पीछे लगी रही। इसी दौरान सोमवार दिन को गाजियाबाद के शिफा चैरिटेबल अस्पताल के मालिक वसीम खान ने नकली ग्राहक के गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच की। वसीम खान ने अल्ट्रासाउंड मशीन द्वारा नकली ग्राहक के गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच करके उसके गर्भ में माइनस होना बताया। जिसके बाद ग्राहक ने माइनस का मतलब पूछा तो वसीम खान ने बताया कि प्लस का मतलब लड़का और माइनस का मतलब लड़की होता है। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद की टीम ने गाजियाबाद के प्रशासन और पुलिस विभाग को मौके पर बुलाया। लिंग जांच करवाने के बाद जैसे ही दर्शन चौहान नामक व्यक्ति शिफा चैरिटेबल हॉस्पिटल पर अपनी बाइक पर नकली ग्राहक को बैठाकर जाने लगा तो उसी वक्त स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्यों ने उन्हें मौके पर काबू कर लिया। थाना बादली में सुनीता, मंजीत सैनी, नवीन, मोंटी, रिजवान, धीरज, दर्शन और वसीम खान के अलावा अन्य दो के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से 6 को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि मोंटी, मंजीत, सुनीता व एक अन्य पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। थाना बादली प्रभारी बाबूलाल का कहना है कि जल्द ही अन्य को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।