फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटियों को अपना गौरव मानते हैं गांव कमोद के लोग

विज्ञापन
फोटो 19 गांव कमोद में एक घर के बाहर लगी बेटी की नेम प्लेट। - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
चरखी दादरी। देश के लिए समय-समय पर अपनी अमूल्य शहादत देने वाला गांव कमोद बेटियों को अपना गौरव मानता है। जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर स्थित गांव कमोद के ग्रामीणों के लिए बेटियां गांव की शान हैं। यहां शायद ही ऐसा कोई घर हो, जहां पर बेटियों के नाम की प्लेट न लगी हो। इस समय लोगों ने घरों की पहचान भी बेटियों के नाम से कर रखी है। लोगों ने बेटियों की नेम प्लेट घर के बाहर लगा रखी है।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 22 जनवरी 2015 को पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की थी। इस अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बेटियों को बचाने और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर चलाए गए अभियान में जिला चरखी दादरी भी पीछे नहीं हैं। दादरी जिला के गांव कमोद ने बेटियों को बचाने के लिए अनूठी पहल की है। यहां की पंचायत द्वारा बेटियों के घरों पर उनके नाम से नेम प्लेट लगाई जा रही है। गांव में करीब 400 बेटियों के नाम की प्लेट लगाई जा चुकी हैं, जो गांव के लिए एक तरह की गौरव की अनुभूति करवा रही हैं। बेटियों को यह गांव अपना नाज मानते हैं। गांव में लिंगानुपात की बात की जाए तो फिलहाल एक हजार के पार होकर 1076 है, जबकि जिले में लिंगानुपात 932 है। सीडीपीओ निर्मल शर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा भी जागरूकता के लिए बेटियों के नाम से जिले में करीब 100 प्लेट लगवाई जा चुकी हैं।
पंचायत के साथ-साथ आंगनबाड़ी वर्कर कर रहीं प्रेरित
गांव में स्थित आंगनबाड़ी सेंटर में तैनात राजवंती भी ग्राम पंचायत के साथ मिलकर ग्रामीणों को बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए प्रेरित कर रही हैं। राजवंती को 2002 में सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने पर प्रदेशभर का सर्वश्रेष्ठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का पुरस्कार मिल चुका है। राजवंती ने बताया कि वे महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या को मिटाने व पोषण की जानकारी देती हैं।
विज्ञापन

गांव को स्वच्छ बनाने का कर रहे प्रयास: सरपंच
गांव के सरपंच सुदर्शन ने बताया कि ग्राम पंचायत को लोगों को बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ गांव को स्वच्छ बनाने की दिशा में काम कर रही है। पूरा गांव बेटियों की नेम प्लेट लगवाने के अभियान से सहमत है। सरपंच ने बताया कि गांव से जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए बाहरी क्षेत्रों में सीवर लाइन डलवाकर इन्हें गांव की गलियों से जोड़ा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें