संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। नहरों के जल को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने गणपति मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा दी है। ‘सुनो नहरों की पुकार’ मिशन के तहत जारी आदेशों के अनुसार अब नहरों में मूर्तियों के साथ किसी भी प्रकार की पूजन सामग्री डालने पर भी प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं को मूर्ति विसर्जन के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक स्थानों का ही इस्तेमाल करना होगा।
प्रशासन और पुलिस विभाग नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मौके पर तैनात रहेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर तालाब के चारों ओर बैरिकेडिंग की जाएगी तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार नहरों के पानी का इस्तेमाल पेयजल आपूर्ति के लिए किया जाता है। ऐसे में मूर्तियों और पूजन सामग्री के विसर्जन से जल दूषित होने की आशंका रहती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा नहरों में तेज पानी का बहाव और फिसलन के कारण विसर्जन के दौरान दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए नहरों में किसी भी प्रकार का विसर्जन न करें। ‘सुनो नहरों की पुकार’, ‘नई दिशा मिशन’, ‘पर्यावरण प्रहरी मिशन’ और ‘टाईम पास कॉमेडी चैनल’ के सहयोग से लोगों को जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। बहादुरगढ़ में सामाजिक संस्थाएं पहले भी नहरों में गंदगी और पूजन सामग्री न डालने को लेकर जागरूकता अभियान चला चुकी हैं।