झज्जर। फेस्टिवल सीजन में भरे गए खोए के सैंपल में फंगल और मिल्क केक में वेजिटेबल ऑयल की मिलावट मिली है। यह जांच रिपोर्ट एक माह बाद आई है और सारा मिलावटी खाद्य सामग्री बाजार में खप गई है। ऐसे में आमजनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो चुका है। विक्रेताओं ने न तो लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा और न ही कानून का।
जांच रिपोर्ट के हिसाब से हर चौथा सैंपल फेल मिला है। इसमें सात सैंपल सब स्टैंडर्ड के मिले हैं तो एक अनसेफ मिला है। इसके बाद सवाल उठ रहा है कि ऐसा अभियान नियमित क्यों नहीं चलता और जांच रिपोर्ट आने में देरी क्यों होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से दशहरा, दीपावली सीजन पर विशेष फेस्टिवल ड्राइव चलाई गई थी।
एक से 19 अक्तूबर तक झज्जर, बहादुरगढ़, बेरी सहित अलग-अलग एरिया में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग करने का काम किया गया था। इसमें पनीर, मिल्क केक, खोया बर्फी, खाया, छैना के कुल 37 सैंपल लिए गए थे। अब 31 सैंपलों की रिपोर्ट आई है और 6 की रिपोर्ट आना अभी लंबित है।
पनीर में फेट की मात्रा नहीं मिली सही तो खोए में नहीं था फेट व मॉइस्चर
जांच में मिल्क केक में वेजिटेबल ऑयल की मिलावट सामने आई है। इसी प्रकार से पनीर में फेट की मात्रा मानक अनुरूप नहीं मिला। खोए में फेट व मॉइस्चर मानक अनुसार नहीं मिला है। जो सैंपल फेल आए हैं, वह बहादुरगढ़, झज्जर, डीघल से लिए गए थे।
2024 में 11 रिपोर्ट आई थी फेल
साल 2024 में फेस्टिवल सीजन दिवाली से कुल 35 सैंपल लिए गए थे। इसमें से 11 की रिपोर्ट फेल आई थी। इसमें 5 घी के सैंपल और 6 पनीर, खोया, मिल्क कैक के सैंपल सब स्टैंडर्ड पाए गए थे। इस इस साल अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक कुल 35 सैंपल लिए हैं। इसमें से 8 की रिपोर्ट फेल आई है।
अभी टेस्टिंग का मिलेगा एक और मौका
जिन फर्मों के सैंपल फेल आए हैं, उनको अभी टेस्टिंग का एक और मौका मिलेगा। संबंधित फर्मों को नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि वह चाहेंगे तो उनको उन्हीं सैंपलों की दोबारा टेस्टिंग करवाने का मौका मिलेगा। यदि उसमें भी सैंपल फेल आए तो आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले वित्तीय वर्ष में 50 प्रतिशत सैंपल आए थे फेल
जिला खाद्य सुरक्षा विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक कुल 81 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 46 सैंपल यानि 50 प्रतिशत से ज्यादा सैंपल की रिपोर्ट फेल थी। इनमे पनीर, मावा, मिठाई के सैंपल शामिल थे। इसमें से 76 मामले कोर्ट में गए, जिसमें से 52 पर सुनवाई हुई। इन पर 36 लाख 65 हजार के जुर्माना लगाया गया। इसने 26 सब स्टैंडर्ड 11 अनसेफ थे।
पनीर के सैंपल सबसे ज्यादा फेल, खुला न खरीदें
जिले में अब तक जितने भी सैंपल लिए गए हैं, उसमें से पनीर के सैंपल सबसे ज्यादा फेल आए हैं। जिले में सबसे ज्यादा पनीर मेवात से आता है, जिसमें मिलावट सबसे ज्यादा होती हैं। पिछले साल एक गाड़ी और दुकान में पनीर मिला था, जिसके सैंपल फेल मिले हैं। उन पर जुर्माना किया गया हैं।
जिले में समय-समय पर खाद्य सामग्री के सैंपल लिए जाते हैं। सबसे ज्यादा पनीर के सैंपल फेल आए हैं। लोगों को चाहिए कि वह खुला पनीर मत ले। वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
- डॉ. राजेश वर्मा, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, झज्जर