खरखौदा-बहादुरगढ़ मार्ग पर बरोणा गांव के पास हुई सड़क दुर्घटना में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। मरने वाले चारों और घायल होने वाला एक व्यक्ति बहादुरगढ़ के गांव निलौठी के रहने वाले हैं। गांव में इस हादसे की सूचना पहुंचते ही पूरे गांव में मातम पसर गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस ने शवों को सिविल अस्पताल, सोनीपत में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार बहादुरगढ़ के गांव निलौठी निवासी रवींद्र को बृहस्पतिवार रात फोन आया कि उसकी सोनीपत के शास्त्री कॉलोनी निवासी चाची सतवंती की हालत खराब हो गई है। ऐसे में रवींद्र ने अपनी मोटरसाइकिल उठाई और सोनीपत अपनी चाची के पास पहुंच गया।
इतने में ही रवींद्र के ताऊ का लड़का सुरेंद्र भी अपने चार अन्य साथियों को लेकर निलौठी से सोनीपत पहुंच गया। जिसके बाद वे सभी अल सुबह करीब 4 बजे सभी निलौठी के लिए निकल पड़े। रवींद्र जहां मोटरसाइकिल पर सवार था वहीं सुरेंद्र अपने साथियों उमेद, राजीव, मुकेश और योगेंद्र के साथ रिट्ज कार से घर आ रहे थे। रवींद्र का कहना है कि जब वह बरोणा गांव से कुछ आगे निकले तो पीछे से आ रहे एक कैंटर ने सुरेंद्र की गाड़ी को टक्कर मार दी।
जिससे कार पलटते हुए खेतों में जा गिरी। कैंटर चालक मौका पाकर फरार हो गया वहीं कार सवार मुकेश (24), उमेद (45), राजीव (32), सुरेंद्र (49) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और जबकि 30 वर्षीय योगेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। अचानक हुए हादसे से रवींद्र भी मौके पर बेहोश हो गया।
काफी देर बाद होश आने के बाद रवींद्र ने फोन पर हादसे की जानकारी परिजनों को दी। जिसके बाद परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों ने गंभीर रूप से घायल योगेंद्र को खरखौदा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। वहीं रवींद्र के बयान पर कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।