झज्जर। अब सरकारी स्कूलों में बनने वाले मिड-डे-मिल के लिए आटा नहीं मिलेगा बल्कि पहले की तरह गेहूं सप्लाई किया जाएगा। स्कूल मुखिया को गेहूं पिसवाना होगा और उसके बाद उसका प्रयोग होगा। पहले स्कूलों में फोर्टिफाइड आटा सप्लाई किया जाता था, लेकिन आटे को लेकर आ रही शिकायतों के बाद अब विभाग ने गेहूं सप्लाई का फैसला किया है।
इस संबंध में मौलिक स्कूल शिक्षा निदेशालय की तरफ से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। इससे पहले सरकारी स्कूलों में तीन माह के लिए फोर्टिफाइड आटे की सप्लाई की जाती थी। लंबे समय तक स्टोरेज के कारण आटा खराब हो जाता था। कई जगहों से इसकी शिकायतें भी विभाग को मिली थी।
इससे मिड-डे-मील की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी, साथ ही बच्चों का स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ सकता था। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए फोर्टिफाइड आटे की सप्लाई बंद करने का निर्णय लिया है। बता दें कि विभाग साल में चार बार स्कूलों में राशन की सप्लाई करता है। प्रत्येक तिमाही शुरू होने से पहले स्कूलों से अगले तीन माह के लिए राशन की डिमांड मांगी जाती है।
इसके बाद विभाग की ओर से सभी स्कूलों में राशन की सप्लाई की जाती है। इस तिमाही के लिए स्कूलों में गेहूं की सप्लाई की जाएगी। वहीं, स्कूलों में एक माह का राशन बफर-स्टोक रखना आवश्यक होगा ताकि राशन की कमी के कारण बच्चों को पोषण प्रभावित न हो।