झज्जर। रोहतक विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को ट्यूबवेल कनेक्शन की एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए बिजली निगम के फोरमैन को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रोहतक विजिलेंस एसपी के निर्देशानुसार झज्जर से तहसीलदार नेहा सहारण को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया और मामले पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता संदीप निवासी चांदपुर के बताया कि वह अपने खेत में बिजली का नया कनेक्शन लेना चाहता था। इसके लिए उसने माछरौली पावर हाउस में काफी दिन पूर्व फाइल भी जमा करवाने के साथ ही सिक्योरिटी जमा कर कागज कार्यवाई पूरी कर रखी थी। लेकिन माछरौली पावर हाउस में तैनात फोरमैन वजीर करीब दो माह से उसके चक्कर कटवा रहा था। कनेक्शन का कुछ काम तो हो गया था लेकिन बिजली ट्रांसफार्मर लगाना शेष रह गया था। इसके बाद आरोपी फोरमैन ने संदीप से ट्रांसफार्मर की एवज में पांच हजार की रिश्वत की डिमांड रखी और शुक्रवार को पैसे लेकर एक चाय की दुकान पर आने को कहा। जिसके बाद संदीप ने रोहतक विजिलेंस टीम को मीटर फोरमैन वजीर द्वारा पांच हजार रूपये डिमांड रखने की शिकायत दी। शुक्रवार को रोहतक विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता संदीप को पाउडर लगे पांच हजार रुपये जिसमें दो नोट 2-2 हजार रुपये के और दो नोट पांच सौ रुपये के आरोपी फोरमैन को देने के लिए दे दिए और मजिस्ट्रेट तहसीलदार नेहा सहारण के नेतृत्व में टीम माछरौली बस स्टैंड पर पहुंच गई। जैसे ही संदीप ने आरोपी फोरमैन वजीर को पाउडर लगे नोट थमाए तो उसी समय विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया और आरोपी से पाउडर लगे नोट बरामद कर लिए। उसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
विभाग से ही मिली विजिलेंस टीम के बारे में जानकारी
शिकायतकर्ता संदीप ने बताया कि बिजली निगम कर्मचारियों द्वारा काफी समय से कनेक्शन के लिए चक्कर कटवाए जा रहे थे। जिसके खर्चे के लिए वह विभाग के पास करीब 37 हजार रूपए की राशी भी जमा करवा चुका था। लेकिन इसके बावजूद भी खेत में बगैर बिजली कनेक्शन के उसकी फसल भी सूख रही थी। पीड़ित का कहना था कि जब उससे रिश्वत के तौर पर पांच हजार रुपये की राशी की डिमांड की गई तो उसने निगम के ही किसी कर्मचारी को पूरा मामला बताया। इस पर कर्मचारी ने उसे विजिलेंस टीम के नंबर उपलब्ध करवाए।
पीड़ित पहले भी दे चुका है 5 हजार रुपये की रिश्वत
शिकायतकर्ता पीड़ित संदीप ने बताया कि खेत में बिजली कनेक्शन का कार्य करवाने के लिए वह पहले भी रिश्वत की राशी दे चुका हैै। उसने बताया कि करीब 7 महीने पहले भी बिजली निगम के ही किसी कर्मचारी ने उसका कार्य करने के एवज में पैसे की डिमांड की थी।
कर्मचारी ने डिब्बे में डलवाए थे रुपये
रिश्वत लेते समय न पकड़े जाएं इसलिए कर्मचारी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जब पीड़ित से निगम के कर्मचारी ने पैसे की डिमांड की थी तो उस समय उसके चाचा राशी को लेकर बिजली कर्मचारी के कार्यालय गए। उस समय उक्त कर्मचारी ने उसके चाचा से वह राशि एक डिब्बे में डालने को कहा। संदीप का कहना था कि उस समय भी वे पांच हजार रुपये की राशी को उक्त कर्मचारी के पास रखे बाक्स में डालकर आ गए थे। इसके बाद उस कर्मचारी का तबादला हो गया और काम अधर में ही लटक गया। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें विजिलेंस के बारे में जानकारी ना होने के कारण ये राशी गंवानी पड़ी।
वर्जन
वीरवार को संदीप निवासी चांदपुर ने शिकायत दी थी की माछरौली पावर हाउस में तैनात फोरमैन द्वारा नया ट्रांसफार्मर लगाने की एवज में पांच हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। इसके बाद शुक्रवार को तहसीलदार नेहा सहारण के नेतृत्व में दिए हुए समय अनुसार छापा मारकर आरोपी फोरमैन वजीर को रिश्वत की राशी सहित रंगे हाथ गिरफ्तार कर मामले की गंभीरता के साथ जांच की जा रही है।
- इंस्पेक्टर सूरजभान, रोहतक विजिलेंस।