दुजाना गांव के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में खाताधारक नरेश के अकाउंट से साढ़े 13 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार मनोज से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं।
पीड़ित उपभोक्ता की बैंक की कागजी कार्रवाई पूरी करने के दौरान विड्रॉल फॉर्म पर आरोपी ने धोखे से उसके हस्ताक्षर ले लिए थे। बाद में उसके खाते से यह रकम निकलवा ली।
हालांकि आरोपी ने पुलिस के सामने अपने आपको मामले में पूरी तरह से निर्दोष बताया और कहा कि जो भी रकम बैंक से निकली और शिकायतकर्ता की अनुमति से ही निकली। अब चूंकि हाल ही में गांव के अंदर पंचायती चुनाव हुए हैं तो उसी राजनीति के चलते विद्वेष की भावना से ही उसे बलि का बकरा बनाया गया है।
उधर, पता यह भी चला है कि पुलिस ने इस मामले में शिकायतकर्ता व जिस विड्रॉल फार्म से पैसों की निकासी हुई, उसके नमूना हस्ताक्षर लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए एफएसएल टीम को सौंपा जाएगा। उसके बाद ही पुलिस ने मामले की स्थिति स्पष्ट किए जाने की बात कही है। चौकी प्रभारी राजबीर सिंह लांबा ने बताया कि पुलिस गहनता से पूरे मामले की छानबीन मे लगी है।