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Jhajjar-Bahadurgarh News: विरोध के बाद कुत्ते पकड़ने पर फिलहाल रोक, अब होगी बातचीत

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फोटो 52: बहादुरगढ़ के सेक्टर 6 में कुत्ते पकड़ने गई टीम का विरोध जताते जीव प्रेमी। सोशल मीडिया
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बहादुरगढ़। आवारा कुत्तों को पकड़ने और बधियाकरण करने को लेकर चल रहा विवाद अब बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि जीव प्रेमियों के साथ सलाह-मशविरा कर ही कुत्तों को पकड़ने का कार्य किया जाएगा।
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नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल के साथ एक अहम बैठक प्रस्तावित की जाएगी जिसमें कुत्तों को पकड़ने का विरोध कर रहे जीव प्रेमियों को आमंत्रित किया जाएगा। यह बैठक इसी सप्ताह होने की उम्मीद है। तब तक के लिए कुत्तों को पकड़ने का काम पूरी तरह से रोक दिया गया है।
दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता व शहर निवासी नवीन सिंगल ने इस अभियान में नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को भेजी है।
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शिकायत की प्रतिलिपि विभागीय सचिव, डीसी झज्जर, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई), राज्य पशु कल्याण बोर्ड, स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, एसीबी रोहतक के एसपी और नगर परिषद बहादुरगढ़ के कार्यकारी अधिकारी को भी भेजी गई है।
3,000 कुत्तों के बधियाकरण का लक्ष्य
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवारा कुत्तों के बधियाकरण का काम 2 माह बाद शुरू हुआ था। नगर परिषद की ओर से अक्तूबर माह में यह टेंडर दिया गया था लेकिन डॉग शेल्टर न होने से काम शुरू नहीं हुआ था। अब 3,000 कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा। नगर परिषद की ओर से प्रति कुत्ते के ऑपरेशन पर 1,189 रुपये खर्च किए जाएंगे। 36 लाख रुपये का यह टेंडर अक्तूबर माह में छोड़ा गया था लेकिन नैन फाउंडेशन की ओर से 27 दिसंबर से यह कार्य शुरू किया गया।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
जीव प्रेमियों का आरोप है कि नगर परिषद की ओर से कुत्तों को पकड़ने और बधियाकरण करने के लिए जिस एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है वह एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) नियमों का उल्लंघन कर रही है। जीव प्रेमी मंजीत सहरावत, शालू, कविता, मिनी शर्मा, हरि प्रकाश मंगले सहित अन्य का कहना है कि नियमों के अनुसार शहर में ही बधियाकरण की व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन एजेंसी बहादुरगढ़ से करीब 50 किलोमीटर से अधिक दूर रोहतक ले जा रही है। लंबी दूरी तक ले जाने से कुत्तों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और ऑपरेशन के बाद उनकी उचित देखभाल भी संभव नहीं हो पाएगी।
कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना उद्देश्य
इस पूरे मामले पर नगर परिषद के सफाई निरीक्षक सुनील हुड्डा ने बताया कि जीव प्रेमियों के विरोध को देखते हुए फिलहाल कुत्तों को पकड़ने का कार्य रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद का उद्देश्य नियमों के तहत और मानवीय तरीके से ही कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना है। जल्द ही जीव प्रेमियों के साथ बैठक कर सभी बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। बैठक में जो भी निर्णय होगा उसके अनुसार ही आगे कुत्तों को पकड़ने और नियमानुसार बधियाकरण का ऑपरेशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुत्तों का शेल्टर होम फिलहाल नहीं बना है। इसी वजह से एजेंसी कुत्तों को पकड़कर रोहतक ले जा रही है।
वर्जन

बहादुरगढ़ में कोई उचित स्थान न मिलने पर रोहतक सेंटर पर कुत्तों का ऑपरेशन किया जाएगा। कुत्तों को पकड़ते समय कुछ लोगों ने विरोध किया है। ऐसा करना गैर कानूनी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार जल्द से जल्द कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण का दबाव है। अगर भविष्य में कोई व्यक्ति उनके कार्य में बाधा डालता है तो पुलिस को शिकायत दी जाएगी।
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-सतप्रकाश नैन, नैन फाउंडेशन
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