बहादुरगढ़ के गांव जाखौदा में शुक्रवार सुबह 10 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां पर गंदे पानी की निकासी के लिए डाली गई पाइप लाइन में गिरने से पांच वर्षीय मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को पाइपलाइन से बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार मृतक मयंक (5) का परिवार मूलरूप से उत्तर प्रदेश के कासगंज का रहने वाला है और फिलहाल गांव जाखौदा में किराये के मकान में रहता है। मयंक के पिता सुल्तान सिंह एचएसआईआईडीसी सेक्टर-17 स्थित एक कंपनी में काम करते हैं।
शुक्रवार सुबह मयंक की मां काम पर गई हुई थी, जबकि पिता घर पर ही मौजूद थे। बताया गया है कि सुबह के समय मयंक गली में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह गंदे पानी की निकासी के लिए डाली गई पाइप लाइन में गिर गया। पाइप लाइन करीब साढ़े तीन फुट चौड़ी और चार से पांच फुट गहरी बताई जा रही है। हादसे के समय आसपास मौजूद किसी को तुरंत इसका पता नहीं चल सका।
काफी देर तक जब मयंक नजर नहीं आया तो परिजनों और आसपास के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान पता चला कि वह पाइप लाइन में गिर गया है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना की सूचना दमकल विभाग और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद बच्चे को पाइप लाइन से बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बच्चे की सांसें थम चुकी थी। बताया गया कि मयंक जिस जगह गिरा था, वह उससे आगे वाले चैंबर में मिला।
हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल था और वह अस्पताल में बार-बार अपने बेटे को पुकारती रही। मयंक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। लोगों का कहना है कि पाइप लाइन लंबे समय से खुली और असुरक्षित हालत में थी। कई बार शिकायत के बावजूद इसे ढकने या सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है।