गांव सिलाना में गली के रास्ते को लेकर मंगलवार सुबह दो परिवारों में टकराव हो गया। दोनों पक्षों में जमकर लाठी, तेजधार हथियार चले एवं ईंटें बरसीं।
महिला समेत पांच लोगों को चोटें आने पर उनको सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। अस्पताल में इलाज को लेकर डॉक्टर से भी कहासुनी हुई तो डॉक्टर ने पुलिस बुला ली। कहा जा रहा है कि दोनों परिवारों में पंचायत चुनाव के दौरान रंजिश पनपी थी।
यह है विवाद
गांव सिलाना में नरेश और करतार के प्लॉट एक गली में आगे-पीछे हैं। आरोप है कि करतार ने सोमवार शाम को गली अपने प्लॉट के पास बंद कर दी। नरेश के प्लॉट का रास्ता बंद हो गया तो आपस में कहासुनी हो गई। इस बीच मामला पुलिस तक पहुंच गया।
शाम को पुलिस ने करतार और अन्य को हिरासत में ले लिया। बताया गया है कि गांव के सरपंच ने पंचायती तौर पर समझौता कराने का आश्वासन देकर इनको पुलिस हिरासत से रिहा करा लिया। सुबह गांव में पंचायत होनी थी, लेकिन उससे पहले ही दोनों परिवारों में टकराव हो गया। एक-दूसरे पर लोगों ने हमला बोल दिया। दोनों पक्ष इसके लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
एक ने बनाई दीवार तो दूसरे ने गिराई
बताया गया है कि मंगलवार सुबह दोनों पक्षों में पंचायती समझौता नहीं हो पाया। इसी बीच करतार और उसके परिजनों ने गली को बंद करने के लिए दीवार खींचनी शुरू कर दी। नरेश के परिजनों ने दीवार गिरा दी। इसी को लेकर दोनों परिवारों में झगड़ा हो गया।
इसमें एक पक्ष से नरेश और उसके भाई राजेश और दूसरे पक्ष से करतार, उसका लड़का नरेश और परिवार की महिला सुनीता को चोटें आने पर सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।
डॉक्टर से भी हुआ विवाद
दो परिवार के लोग गांव में आपस में टकराए, वहीं सिविल अस्पताल में आने पर डॉक्टर से भी विवाद हो गया। इलाज करने को लेकर घायलों और डॉक्टर में भी टकराव की नौबत आ गई। डॉक्टर ने मामला बढ़ता देख पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ देर में ही पुलिस अस्पताल में पहुंच गई।
इससे पहले ही डॉक्टर से माफी मांगकर ग्रामीणों ने विवाद को खत्म कर दिया। पुलिस करीब आधा घंटा तक अस्पताल में ही मौजूद रही और फिर लौट गई।