बहादुरगढ़। ओचंदी बॉर्डर पर बनने जा रहे पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन डालने के विरोध में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की नाहरा नाहरी में आज महापंचायत होगी। किसानों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी नोटिस के उनके खेत से हाइटेंशन लाइन डालना और टावर लगाना उचित नहीं है। पहले किसानों की सहमति से मुआवजा तय किया जाए। इसके बाद काम शुरू होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता तो बड़ा आंदोलन होगा।यही मुद्दे पंचायत में उठेंगे और निर्णय लिया जाएगा।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन इसके लिए कई दिनों से किसानों से संपर्क करने में जुटा है। कई गांव के किसान महापंचायत में शामिल होंगे तथा चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन देंगे। संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि कंपनी किसानों को पहले उनकी फसल खराब करने, खेत के बीचोंबीच टावर खड़े करने और 60 मीटर चौड़े कॉरिडोर का मार्केट रेट से चार गुना मुआवजा देना चाहिए। संगठन के जिला अध्यक्ष करतार सिंह अच्छेज ने कहा किपहले किसानों को नोटिस दिया जाए, फिर किसानों की सहमति से मुआवजा तय करने के बाद उनके खेत में लाइन डालनी चाहिए,अन्यथा इस जोर जबरदस्ती के खिलाफ एक जोरदार आंदोलन होगा। इसके लिए सरकार तैयार रहे।
विरोध करने पर किसानों पर दर्ज करा रहे मुकदमेे
संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि 60 मीटर चौड़े गलियारे में जिन खेतों से बिजली के तार गुजरेंगे, उनके नीचे किसान न कोई पशुशाला बना सकता है, ना गोदाम बना सकता है, न ही ट्यूबवेल लगा सकता है। उन खेतों की कीमत भी गिरेगी। पुलिस प्रशासन की मदद से कंपनी बगैर किसानों की अनुमति के उनकी खड़ी फसलों को उजाड़ रही है और एतराज करने पर किसानों पर एफआईआर दर्ज करवा रही है। यह कतई जायज नहीं है, कानून सम्मत नहीं है। किसान के खेत में बिना अनुमति घुसना गैर कानूनी है।
यहां से गुजर रही लाइन
एक लाइन ओचंदी बोर्डर से नाहरा होकर आगे निकल जाएगी। इसी तरह एक दूसरी टावर लाइन पंजाब खोड़ से बहादुरगढ़ के गांव लडरावन, कुलासी, आसोदा, रोहद, खरहर, रिवाड़ी खेड़ा, गिरावड़, बिरधाना होते हुई आगे की तरफ जा रही है। गांव गांव में किसान इसका विरोध कर रहे हैं और धरने पर बैठे हैं।