आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा जाटों का आंदोलन पांचवें दिन उग्र हो गया।
अर्धसैनिक बल की एक गाड़ी को देख कर भड़के सैकड़ों ग्रामीणों में से कुछ
अराजकों ने डीघल और दुजाना की दो पुलिस चौकियों में आग लगा दिया। वहीं
रोहतक रोड पर डीघल से आग बने टोल प्लाजा को भी खाक कर दिया।
इतना ही नहीं
दो एंबुलेंस, पुलिस की एक जिप्सी, एक निजी कार और पुलिस द्वारा जब्त कर
चौकी में खड़ी कई बाइकों को भी आंदोलनकारियों ने आग के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार दुजाना चौकी में पुलिस कर्मियों को भी बंधक बनाने का
प्रयास किया गया, लेकिन भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे डीएसपी ने पुलिस के
जवानों को वहां से निकाल लिया। दूसरी तरफ बेरी में भी आंदोलनकारी भड़क गए।
बस स्टैंड में घुस कर रोडवेज की 6-7 बसों में तोड़फोड़ हुई। देर रात तक
आंदोलनकारियों का सड़कों पर कब्जा था।
डीघल में ऐसे फैली उपद्रव की आग
आंदोलन में रोड जाम की शुरुआत 15 फरवरी को रोहतक रोड स्थित डीघल से हुई थी।
इसके बाद विभिन्न 20 स्थानों पर रोड जाम किए गए। इस समय हालात यह हैं कि
पूरा जिला आंदोलनकारियों द्वारा सील कर दिया गया है। शुक्रवार को भी डीघल
में जाट आंदोलनकारी धरना देकर रोड जाम किए बैठे थे। शाम के समय यहां से
अर्धसैनिक बलों की एक गाड़ी निकली। ग्रामीणों ने उसे नहीं रोका।
इसी बीच
अफवाह फैल गई कि गाड़ी में सवार जवानों ने गोली चलाई है। इस दौरान रोहतक
में हुई फायरिंग में कुछ लोगों की मौत की सूचना भी यहां पहुंच गई। कुछ ही
देर में सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में तेजधार हथियार, लाठी डंडे लिए
सड़क पर आ गए।
वहां से गुजर रही दो एंबुलेंसों को जला दिया गया। एक कार का
चालक भी लोगों से टकरा गया तो उसकी कार में भी आग लगा दी गई। इसके बाद वे
नारेबाजी करते हुए रोहतक रोड से कुछ हट कर बनी पुलिस चौकी में जा घुसे।
वहां तैनात पुलिस के जवान अपने हथियार लेकर मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों
ने पुलिस चौकी को आग लगा दी। साथ ही वहां खड़ी जब्त बाइकों को भी जला दिया
गया। इसके बाद लोगों ने टोल प्लाजा पर हमला बोला। एक युवक ने फोटो खींचने
का प्रयास किया तो उसकी धुनाई कर दी गई। लोगों ने टोल को पूरी तरह से आग के
हवाले कर दिया। इसके बाद आंदोलनकारी विभिन्न वाहनों में भर कर रोहतक के
लिए कूच कर गए।
दुजाना में भी भड़की आग
डीघल में हुई घटना की सूचना के बाद गांव दुजाना में भी लोगों ने पुलिस चौकी
पर हमला बोल दिया। शुरू में यहां खूब जमकर तोड़ फोड़ की गई। इसके बाद
पुलिस चौकी, यहां खड़ी पुलिस की एक जिप्सी और बाइक को आग लगा दी गई। पुलिस
कर्मियों को भी ग्रामीणों ने घेर लिया। इससे पहले कि पुलिस कर्मियों को
बंधक बनाया जाता, डीएसपी भरी पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। लोगों को
खदेड़ कर वहां से पुलिस कर्मियों को सुरक्षित निकाला गया।
बेरी में बसों में तोड़ फोड़
डीघल व दुजाना में हुई आगजनी और रोहतक में फायरिंग में आंदोलनकारियों की
मौत की सूचना से बेरी में चल रहे आंदोलन में भी गर्मी ला दी। भड़के जाटों
ने यहां बस स्टैंड में घुस कर यहां खड़ी 6-7 बसों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
यहां जमकर तोड़फोड़ हुई। यहां न तो पुलिस पहुंची और न ही किसी अन्य ने
युवाओं को रोकने का प्रयास किया। दूर रात तक युवा हथियार बंद होकर सड़कों
पर उतरे हुए थे।
बसों में तोड़फोड़ की सूचना के बाद बेरी में सारे बाजार
बंद हो गए। दुकानों को बंद कर दुकानदार घरों को लौट गए। देर रात तक बाजारों
में भी यहां हो हल्ला मचा था।