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अस्पताल में आग लगने से मचा हड़कंप

Tue, 29 Mar 2016 01:48 AM IST
jhajjar
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हॉस्पिटल को देखते लोग - फोटो : bureau
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 नगर के ब्रह्मशक्ति संजीवनी हास्पिटल के ऊपरी हिस्से में बनाए गए दो स्टोर रूम में अचानक आग लग गई। दूर-दूर तक धुआं उठते देख हास्पिटल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आग की सूचना से हडकंप मच गया। यहां भर्ती कई मरीज अप्रिय स्थिति की आशंका से अपने बिस्तरों को छोड़कर बाहर निकल गए। हालांकि मरीजों के तीमारदारों ने आग पर कंट्रोल पाने के लिए हॉस्पिटल स्टाफ के साथ पूरा हाथ बंटाया। फायर ब्रिगेड की दो गाडियां आग बुझाने के लिए पहुंचीं। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं लग पाया है।
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हॉस्पिटल में तीसरी मंजिल पर अलग-अलग जगह दो स्टोर रूम हैं। इनमें यहां उपचार पाने वाले मरीजों की पुरानी फाइलें, एमएलआर फाइलें, प्लास्टिक व इलेक्ट्रानिक वस्तुएं, ओटी की लाइटें, काटन व मशीनों समेत काफी रखा था। सोमवार की शाम करीब 5 बजे रिकार्ड रूम से अचानक धुआं उठने लगा। जब किसी की नजर इस पर गई तो कुछ ही मिनटों में हॉस्पिटल का स्टाफ एकत्रित होकर यहां लगे अग्निशमन यंत्रों से आग पर काबू पाने लगा। लेकिन अंदर कागजात, एक्सरे फिल्म व अन्य सामान रखा होने के कारण आग भड़कती चली गई। आग से स्टोर रूम की छत को भी काफी नुकसान हुआ।

धुएं के गुबार दूर-दूर से दिखने लगे। आग बुझाने के लिए बिजली सप्लाई बंद की गई। लेकिन उसके बाद भी जब कुछ कर्मियों ने दीवारों को छुआ तो उनमें फिर भी करंट प्रवाहित हो रहा था। हास्पिटल स्टाफ ने तीमारदारों व अन्य लोगों की मदद से काफी सामान को जलने से बचा भी लिया। घटना में क्या कुछ नुकसान हुआ इसका आकलन नहीं हो पाया है। हॉस्पिटल में आग लगने का पता लगते ही थाना शहर प्रभारी अशोक कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने पूरी व्यवस्थाओं को लेकर भी जानकारी जुटाई।
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मरीज दिखे परेशान
जैसे ही हॉस्पिटल के स्टोर में आग लगने व यहां पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने का पता दाखिल मरीजों को लेकर तो कई सहम गए। कुछ तो अपने बिस्तरों से उठकर बाहर निकल गए। कई किसी तरह से सीढ़ियों से चढ़कर आग लगने वाली जगह को देखने के लिए भी पहुंचे। जहां पर आग लगी थी वहां लोगों की खूब भीड़ भी दिखी।

सीढ़ियों में भी था रिकार्ड
स्टोर रूम यहां रिकार्ड से भरा हुआ था। इसमें काफी चिकित्सा सेवाओं संबंधित मशीनें व कुछ अन्य सामान भी रखा हुआ था। एक्सरे फिल्में भी थी। लीड फायर मैन रवींद्र, अशोक ने बताया कि दस कर्मचारियों की मदद से आग पर जल्दी काबू पाया जा सका। हालांकि उन्होंने कहा कि सीढ़ियों में रिकार्ड काफी रखा हुआ था। ऐसे में जब वे पानी की बौछारें करने के लिए चढ़ रहे थे तो उन्हें कई बार दिक्कतें भी हुई। एक कर्मचारी एक्सरे फिल्मों से स्लीप होकर गिर भी गया था। उनके अनुसार दो वाटर ब्राउजर व फोम टैंडर की मदद से आग बुझाई।

रेजीडेंट भी निकले बाहर
जिस स्थान पर स्टोर रूम है वहां व उसके नीचे वाली मंजिल पर स्वास्थ्य कर्मियों के रेजिडेंशियल क्वार्टर भी हैं। जैसे ही यहां आग लगने का पता यहां रहने वाले कई डाक्टर, उनके परिवार के सदस्य व अन्य स्टाफ को लगा तो वे बाहर निकल आए। हर कोई किसी न किसी तरह से आग बुझाने में लोगों की मदद भी करते दिखे।

सुरक्षा के थे पुख्ता प्रबंध
हास्पिटल में आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए जगह-जगह अग्निश्मन यंत्र लगाए हुए हैं। दमकल विभाग के निर्देशों के मुताबिक, सभी व्यवस्थाएं पूरी हैं। स्टाफ, तीमारदारों की मदद से आग पर कंट्रोल कर लिया गया था। इसमें कितना क्या नुकसान हुआ है और क्या जला है इसका आकंलन किया जा रहा है। आग स्टोर रूम तक ही सीमित थी।
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-डा. मनीष शर्मा, निदेशक
ब्रह्मशक्ति संजीवनी हास्पिटल
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