साल्हावास। पैक्स खानपुर खुर्द में गबन , कमेटी की कार्रवाई बुक में काट-छांट, ओवर राइटिंग, पैक्स में भ्रष्टाचार फैलाने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर हुई है। इसका केस डीआर कोर्ट रोहतक में था। डीआर ने शिक्षा भत्ता का प्रस्ताव रद्द करके नियमानुसार पैक्स गबन की रिकवरी के आदेश दिए थे।
शिक्षा भत्ता की गबन की राशि प्रबंधक ने जमा करवा दी थी। आरोप है कि सतीश कुमार ने पदोन्नति से पहले भी गबन किया और प्रबंधक बनने के बाद भी गबन जारी रखा। शिकायतकर्ता पैक्स चेयरमैन अनिल मित्तल का आरोप है कि सतीश कुमार सेल्समेन ने वर्ष 2016-17 ने 18 हजार रुपये, 2017-18 में भी 18 हजार रुपये का शिक्षा भत्ता लिया। इसको ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार अनुचित ठहराया गया। इस बारे में सामान्य ऑडिट रिपोर्ट ब्लॉक ऑडिटर मातनहेत ने सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां झज्जर व जीएम सेंट्रल कॉआपरेटिव बैंक झज्जर के कार्यालय में जमा करवा दी थी।
ये लगे आरोप, रिकवरी की बात भी स्वीकारी
एक अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 के स्पेशल ऑडिट के अनुसार 36,284 रुपये का प्रबंधक पद का वेतन पैक्स रूल को नजरंदाज करके लिया, जिसकी रिकवरी हो चुकी है। 10 अगस्त 2023 को प्रबंधक से 1,92,090 रुपये व 76,000 रुपये ब्याज सहित रिकवरी के आदेश दिए। इस बारे में 18 अगस्त 2023 को प्रबंधक के वेतन की कुर्की के आदेश दिए गए, जिसकी रिकवरी 16 अगस्त 2023 की कुल 2,68,090 रुपये की उक्त प्रबंधक से वसूली कर की गई। 16 अक्तूबर 2023 को उच्च अधिकारी के आदेशानुसार 49,790 रुपये की राशि प्रबंधक से वसूली की गई। एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 का स्पेशल आडिट के यू/एस 95 के अनुसार 66,352 रुपये का गबन किया। एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 का स्पेशल ऑडिट के यू/एस 95 के अनुसार 71,488 रुपये का गबन किया। एक अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 का सामान्य ऑडिट के यूएस 95 के अनुसार 18,884 रुपये का गबन किया। 12 जुलाई 2021 को 36,284 व 30 मई 2025 को 1,56,704 का गबन हुआ। जीएम सेंट्रल कॉओपरेटिव बैंक झज्जर के अनुसार गबन की राशि आ चुकी है। गबन की रिकवरी प्रबंधक से एआर झज्जर ने 1,56,704 रुपये व 12 प्रतिशत ब्याज सहित प्रबंधक के वेतन की कुर्की करके की। आरोप है कि प्रबंधक ने लगभग सात लाख रुपये गबन किया हुआ था।
पैक्स चेयरमैन अनिल मित्तल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। मामले में जांच जारी है। तथ्यों व जांच के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएंगी।
- हरेश कुमार, थाना प्रभारी साल्हावास