दिल्ली से हिसार की ओर जा रही किसान एक्सप्रेस की बोगी में सीट पर रखे फौजियों के सामान को लेकर टिकट निरीक्षक (टीटी) व फौजियों के बीच पहले कहासुनी हुई और बाद में नौबत मारपीट तक पहुंच गई। बीच-बचाव करने के लिए आए कुछ पैसेंजर भी चपेट में आ गए।
रेलवे स्टेशन बहादुरगढ़ पर भी काफी देर तक इसको लेकर हंगामा होता रहा। बाद में जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया। हुआ यूं कि कुछ फौजी कोटा से खेल गतिविधियों में भाग लेकर हिसार कैंट जा रहे थे। जब वे किसान एक्सप्रेस से सफर कर रहे थे तो बीच रास्ते में उनका एक साथी दिल्ली क्षेत्र में उतर गया। फौजियों के लिए कई सीटें आरक्षित थी। ऐसे में उनके साथी के उतरने से जो सीट खाली हुई उस पर उन्होंने एक पेटी में रखा अपना सामान रख दिया। इसी बीच जब टिकट निरीक्षक (टीटी) ने इस सामान को उठाकर नीचे रखने के लिए कहा तो इस पर ट्रेन में सवार फौजियों ने एतराज जताया।
इसी बात को लेकर उनमें गर्मा-गर्मी बढ़ गई। देखते ही देखते नौबत हाथापाई तक जा पहुंची। ट्रेन में ही रेलवे अधिकारियों व फौजियों के बीच मारपीट की घटना से यात्री भी दंग रह गए। दिल्ली से बहादुरगढ़ तक दो जगह ट्रेन की चेन पुल भी की गई। जब कुछ यात्रियों ने बीच-बचाव करना चाहा तो वे भी उनके लपेटे में आ गए। जैसे ही ट्रेन बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो यहां फिर से मामला बढ़ गया। यहां पर भी मारपीट हुई। जीआरपी में कार्यरत एक पुलिसकर्मी जब उन्हें समझा रहा था तो कुछ लोगों ने उसके साथ भी हाथापाई करने का प्रयास किया। ऐसे में ट्रेन में कई फौजियों, टिकट निरीक्षक व पैसेंजरों के बीच धक्का-मुक्की, मारपीट की घटना से स्टेशन पर काफी लोगों की भीड़ जुट गई।
जीआरपी प्रबंधक स्नेहराज व उनकी टीम के अलावा स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा भी मौके पर पहुंचे। किसी तरह से गुस्साए यात्रियों को भी शांत किया। सीट पर सामान रखने को लेकर हुई इस झगड़े के बाद ट्रेन भी बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर करीबन दस मिनट पर रुकी रही। ऐसे में इस ट्रेन में सवार अन्य यात्रियों को भी झगड़े के चलते परेशानी उठानी पड़ी। वहीं जीआरपी प्रबंधक स्नेहराज ने बताया कि इस मामले में टीटी की तरफ से घटना से अवगत कराया गया है। जैसे ही लिखित में शिकायत आती है तो वे इस पर कार्रवाई करेंगे। हालांकि फौजियों व टिकट निरीक्षक के बीच मामले को निपटाने के लिए अधिकारी अपने स्तर पर प्रयास भी कर रहे थे।