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26 जनवरी के मार्च के लिए ट्रैक्टरों में तेल पहले ही भरवाएंगे किसान

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हल लेकर टीकरी बॉर्डर धरने पर बैठे कैथल जिले के गांव पाई के किसान। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। किसान आंदोलन के 56वें दिन भी टीकरी बार्डर पर हजारों किसानों का धरना जारी रहा। इस बीच रोहतक निवासी एक किसान ने जहरीला पदार्थ निगल लिया और सिरसा के किसान की मिर्गी का दौरा और खून की उल्टी आने से हालत बिगड़ गई। किसानों के करीब 15 किलोमीटर लंबे पड़ाव में जगह-जगह प्रदर्शन हुए। विभिन्न संगठनों के 11 किसान 24 घंटे के अनशन पर रहे। जबकि बुधवार को केंद्र सरकार और संयुक्त मोर्चा के बीच होने वाली बातचीत के परिणाम की प्रतीक्षा के साथ-साथ किसान 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च के लिए माहौल बनाने में जुटे रहे।
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26 के ट्रैक्टर मार्च की तैयारी
बुधवार 20 जनवरी को सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच होने वाली बातचीत के परिणामों की प्रतीक्षा के बीच किसानों ने 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को टीकरी बॉर्डर पर किसानों की सभा को संबोधित करते हुए जींद से आए भाकियू नेता जोगिंदर नैन ने प्रदेश के सभी किसानों से अपने ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली में होने वाले ट्रैक्टर मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी के इस मार्च में शामिल होने के लिए अपने ट्रैक्टर की टंकी में पहले ही डीजल भरवा लें।
जगह-जगह हुए प्रदर्शन
टीकरी बॉर्डर से जाखोदा मोड़ के आगे तक नेशनल हाइवे नंबर-9 पर कुछ विभिन्न संगठनों ने जगह-जगह सरकार विरोधी प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी के स्थायी प्रावधान के लिए कानून बनाने की मांग की। टीकरी बॉर्डर पर कुछ युवा किसानों ने अद्र्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। तमिलनाडु के संगठन पीपुल्स पावर से जुड़े कुछ युवा टीकरी बॉर्डर पहुंचे और किसानों को समर्थन दिया। किसानों की मुख्य सभा के मंच से उन्होंने तमिल भाषा में गीत भी पेश किया। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े छात्रों के एक समूह ने सेक्टर-9 मोड़ से टीकरी बॉर्डर तक नारेबाजी की।
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ग्यारह रहे अनशन पर
सोमवार सुबह 11 बजे अनशन शुरू करने वाली विभिन्न संगठनों से जुड़ी 11 किसान महिलाओं ने मंगलवार सुबह 11 बजे गर्म दूध पीकर अनशन समाप्त कर दिया। साथ ही पंजाब और हरियाणा के दूसरे 11 किसानों ने मंगलवार सुबह 24 घंटे के लिए अनशन शुरू कर दिया। अनशन शुरू करने वालों में भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) से जगराज सिंह, भाकियू सिद्धूपुर से गुरदीप सिंह, भाकियू राजेवाल से हरजीत सिंह, भाकियू लक्खोवाल से कर्म सिंह, पंजाब किसान यूनियन से गगनदीप सिंह, केकेयू से रणधीर सिंह, कादियां से हरदेव सिंह और हरियाणा से हिसार के दिलबाग सिंह नरवाल व कापसी शर्मा, सुरेंद्र मोर व जींद से विशांत शामिल हैं।
गायकों ने बढ़ाया मनोबल
मंगलवार को कई पंजाबी, हिंदी और हरियाणवी कलाकार आंदोलन को समर्थन देने के लिए किसानों के पड़ाव में पहुंचे। पंजाबी गायिका रुपिंदर हांडा ने टीकरी बॉर्डर पर किसानों की सभा में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन में किसानों की जीत तक सक्रिय रहेंगी। दिल्ली से आए सतीश कुमार व उनके कई साथियों ने बाइपास पर जोशीले गीत पेश किए और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने नुक्कड़ नाटक में किसान-मजदूरों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। यह बताने की कोशिश की कि आम आदमी का किस तरह शोषण किया जाता है।
गुलिया खाप के सुनील गुलिया भी टीकरी बॉर्डर पहुंचे। गौरतलब है कि भड़काऊ वीडियो वायरल करने के आरोप में बहादुरगढ़ पुलिस ने तीन दिन पहले गुलिया के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया था। हरियाणा के युवा किसान नेता विकास सीसर ने कहा कि वह और अन्य किसान सुनील गुलिया के साथ हैं।
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