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दिल्ली में प्रवेश नहीं करने पर किसान सड़क पर ही बैठे

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बादली। किसान आंदोलन को समर्थन देने और कृषि संबंधी तीन कानून को निरस्त करने की मांग को लेकर गुलिया खाप की ओर से आंदोलन शुरू कर दिया गया है। खाप ने दिल्ली के संसद भवन की ओर कूच करने का प्रयास किया लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें ढांसा बॉर्डर पर बेरिकेड लगाकर रोक दिया। पुलिस की ओर से दिल्ली में प्रवेश नहीं करने पर गुलिया खाप के किसान सड़क पर ही बैठ गए हैं।
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सोमवार की सुबह ही किसानों ने बाईपास पर एकत्रित होना शुरू कर दिया। माजरा चौक पर ट्रैक्टर-ट्राली से किसान पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। गुलिया खाप को समर्थन देने के लिए काद्यान और धनखड़ खाप के किसान भी पहुंचे। रणनीति के तहत सभी किसानों ने दिल्ली कूच से पहले एकजुट रहने की शपथ ली।
गुलिया खाप के प्रधान विनोद बादली के नेतृत्व में किसान और खाप प्रतिनिधि सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बादली के बाजार से पैदल गुजरे। बाजार से गुजरने पर किसान ट्रैक्टर पर सवार होकर दिल्ली के लिए चल दिए। विनोद बादली ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से किसानों की मांगे पूरी नहीं होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। किसानों को समर्थन देने के लिए विधायक कुलदीप वत्स और पूर्व विधायक नरेश प्रधान भी पहुंचे। इस अवसर पर जिला पार्षद मामन ठेकेदार, चेतानंद बाढ़सा, सरजीत गुलिया, मनराज लाडपुर, विजयपाल, प्रीतम कुकड़ौला, अमित दलाल छारा, जयसिंह अहलावत, जितेन्द्र बबला, युद्धवीर धनखड़ सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
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राजनीतिक लोगों से दूरी
सड़क पर बैठे किसानों ने कहा कि राजनीतिक लोगों के लिए मंच पर स्थान तो ह,ै लेकिन उन्हें बोलने का अधिकार नहीं जाएगा। मलिकपुर किसान सभा के सदस्य जयप्रकाश बेनीवाल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष से कोई भी राजनीतिक अपने पद से इस्तीफा देने के बाद बोलने का अधिकार रखता है। किसी भी व्यक्ति का राजनीतिक भाषण स्वीकार्य नहीं होगा।
हरियाणा पुलिस की थ्री लेयर सुरक्षा पार
प्रदर्शन करते हुए किसान जब दिल्ली की ओर जा रहे थे तो पुलिस प्रशासन की ओर से थ्री लेयर सुरक्षा बनाई गई। पहली बार पुलिस थाने के सामने किसानों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन किसानों ने पुलिस की नहीं सुनी और दिल्ली की ओर से चल दिए। अभी किसान 300 मीटर ही चले थे कि पुलिस ने दरियापुर मोड़ के पास किसानों को रोकने का प्रयास किया। किसान यहां भी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। तीसरी बार किसानों को दिल्ली सीमा से मात्र 100 मीटर पहले रोकने और समझाने का प्रयास किया लेकिन किसानों ने पुलिस की बात को नजरअंदाज करते हुए दिल्ली के लिए कूच जारी रखा।
दिल्ली पुलिस ने रोका, हल्की झड़प भी हुई
किसानों को दिल्ली सीमा पर दिल्ली पुलिस ने रोक दिया। बड़े-बड़े बेरिकेड्स और वाहनों से रास्ते को पूरी तरह से रोक दिया। किसानों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। दिल्ली पुलिस ने अर्धसैनिक बलों का सहारा लेते हुए किसानों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया। हालांकि किसानों ने ओर से प्रतिनिधीमंडल दिल्ली पुलिस प्रशासन से शांतिपूर्वक बातचीत करने के लिए बनाया गया। प्रतिनिधिमंडल की दिल्ली प्रवेश की बात पुलिस ने नकार दी और सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया गया।
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