झज्जर। जिले में रबी फसलों की बुवाई का सीजन शुरू हो गया है। किसान तिलहन फसलों की बेहतर पैदावार लेने के लिए डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्फेट) की बजाय एसएसपी यानी सिंगल सुपर फॉस्फेट अथवा एनपीके का प्रयोग करें। इस खाद के इस्तेमाल से सरसों में तेल व वजन की मात्रा बढ़ती है। इसके अलावा सर्दी के प्रकोप से बचाने के लिए यह खाद कारगर है।
डीसी शक्ति सिंह ने बताया कि सरसों एक तिलहन फसल है। इसलिए इसके बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को एसएसपी खाद का प्रयोग करना चाहिए। बीज बुवाई से पूर्व एसएसपी का प्रयोग न केवल पौधे की उत्पादन क्षमता को बढ़ाता है बल्कि यह फसल की गुणवत्ता की बढ़ोतरी में भी सहायक सिद्ध होता है।
वहीं गेहूं की फसल में दाने का साइज व उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए एनपीके का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान आज भी सरसों व गेहूं की फसल के लिए डीएपी खाद पर निर्भर है, जबकि बाजार में इसकी तुलना में कम दाम पर बेहतर विकल्प उपलब्ध है। उन्होंने जिला के सभी किसानों से कहा कि किसान बाजार में उपलब्ध इस किफायती और बेहतर विकल्प का लाभ अवश्य उठाएं।