बातचीत करते टोल मैनेजर और किसान नेता। संवाद
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बादली। किसान नेताओं के आह्वान पर कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस हाईवे पर किसानों ने बेरिगेड तोड़कर टोल फ्री करवाया। किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जब टोल प्लाजा पर पहुंचा तो टोल मैनेजर और किसानों के बीच नोंक-झोंक शुरू हो गई। मैनेजर की ओर से टोल फ्री नहीं किए जाने पर किसानों ने बेरिगेड तोड़ दिए और वाहनों को फ्री में निकाल दिया। किसानों ने मैनेजर को चेतावनी देते हुए कहा कि दोबारा से शाम तक टोल शुरू किया तो हजारों की संख्या में धरने पर बैठे किसान टोल पर पहुंच जाएंगे।
प्रस्तावित आंदोलन के अनुसार सुबह ही किसान प्रदर्शन स्थल पर एकत्रित होने शुरू हो गए और दोपहर करीब 12 बजे किसानों ने बैठक कर एक कमेटी का गठन किया। पांच सदस्यीय कमेटी केएमपी टोल पर पहुंची और मैनेजर के सामने किसानों की ओर से जारी टोल फ्री करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव के अनुसार दोपहर बाद तक टोल फ्री रखना था, लेकिन मैनेजर ने किसानों की बात को नकार दिया। इसको लेकर विवाद बढ़ गया और किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने वाहनों के आगे लगाए गए आर्म्स बेरिगेड को तोड़ दिया। बेरिगेड तोड़कर वाहनों को बिना टोल दिए निकाला गया। प्रतिनिधिमंडल में जिला पार्षद मामन ठेकेदार, होशियार सिंह, कैप्टन सतबीर और एडवोकेट सतबीर गुलिया सहित कई किसान मौजूद रहे। वहीं केएमपी टोल मैनेजर पाठक का कहना है कि कुछ लोगों ने बेरिगेड तोड़कर टोल फ्री करवाया है, जिनकी शिकायत पुलिस में दी गई है।
भारी संख्या में पुलिस बल
किसान आंदोलन को देखते हुए टोल पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आरएफ, आईआरबी की एक कंपनी, दो कंपनी रिजर्व जिला पुलिस और एक महिला रिजर्व पुलिस दंगा विरोधी दस्ते के साथ तैनात रही। वाटर कैनन की गाड़ी भी टोल लगाई गई। हालांकि पूरा दिन कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
एसडीएम ने की निगरानी
पूरे आंदोलन को लेकर एसडीएम विशाल कुमार की निगरानी जारी रही। ड्रोन कैमरे के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई। इस दौरान वीडियोग्राफी भी करवाई गई। एसडीएम विशाल कुमार ने बताया कि कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखा गया है। किसानों को शांति बनाए रखने की अपील की गई है।