बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों व मजदूरों ने मिलकर श्रमिक दिवस मनाया गया। उन्होंने जुलूस निकालकर पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। सभा में मंच संचालन भी एक मजदूर नेता के हाथ में रहा। कार्यक्रम में कई संगठनों से जुड़े मजदूरों ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि किसान व मजदूर दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इन दोनों की मेहनत के बिना देश नहीं चल सकता। दोनों के हितों में भी एक-दूसरे का हित है। इसलिए दोनों को मिलकर किसान आंदोलन को सफल बनाएंगे।
सभा में मौजूद किसानों व मजदूरों ने दो मिनट का मौन रखकर मजदूर आंदोलन में अपनी जान गंवाने वाले मजदूरों और किसान आंदोलनों में अपनी जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी। सुबह 11 बजे चली सभा लगभग पौने तीन बजे संपन्न हो गई। इस मौके सैकड़ों की संख्या में मजदूर व किसानों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि किसान व मजदूर दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इन दोनों की मेहनत के बिना देश नहीं चल सकता। दोनों के हितों में भी एक-दूसरे का हित है। इसलिए दोनों को मिलकर किसान आंदोलन को सफल बनाएंगे।
श्रमिक नेता जय सिंह ने कहा कि हर मेहनत की रोटी खाने वाला हर इंसान मजदूर है। हमारे देश में करोड़ों मजदूर हैं। जब-जब अन्याय बढ़ जाता है तो मजदूर संगठित होकर उठ खड़े होते हैं और व्यवस्था परिवर्तन हो जाता है। आज भी हमारे देश में वैसे ही हालात हैं। तीन कृषि कानून बनाकर केंद्र सरकार ने किसानों के साथ नाइंसाफी की है। जब किसान ही खुद स्वंत्रता से खेती नहीं कर सकेंगे तो मजदूरों का क्या होगा। उन्होंने कहा कि देश के मजदूर इस आंदोलन में किसानों के साथ खड़े हैं। सरकार को यह बात भुला देनी होगी कि आंदोलन कमजोर पड़ेगा। जब मजदूर साथ आ जाएंगे तो आंदोलन की मजबूती दोगुनी हो जाएगी। सरकार को न केवल कृषि कानून वापस लेने होंगे, बल्कि कानून बनाकर एमएसपी की भी स्थायी गारंटी देनी होगी।
सभा में मजदूर दिवस पर एक श्रमिक ने कविता सुनाकर आंदोलनकारियों में जोश भरने की कोशिश की। किसानों के सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े आल इंडिया खेत मजदूर संगठन के कामरेड जयकरण ने बिजली बिल 2020 को निरस्त करने की मांग की है। सभा को परमिंदर सिंह और बलबीर सिंह ने भी संबोधित किया।