बहादुरगढ़। महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए नयागांव चौक के निकट हुई भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) की वीरवार को हुई सभा महिलाओं के ही नाम रही। सभी वक्ता महिलाएं रही और संचालन भी महिला के हाथ में रहा।
भाकियू एकता (उगराहां) की महिला नेता हरिंदर कौर बिंदू ने यूनियन अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां की मौजूदगी में मोर्चे में महिलाओं की सुरक्षा के प्रबंधन के बारे में बताया। बिंदू ने कहा हालांकि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं पर अत्याचार होता है, लेकिन भाकियू एकता (उगराहां) में काम करने में हमें किसी भी तरह की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता। हमें समाज में पुरुषों के समान सम्मान मिल रहा है। हजारों महिलाएं लगातार इसमें शामिल हो रही हैं। उन्हें कभी किसी समस्या का सामना नहीं किया। यही कारण है कि पंजाब की महिलाएं दशकों से इस संगठन से जुड़ रही हैं और संघर्षों का नेतृत्व भी कर रही हैं। मोर्चों में शामिल होती हैं और संचालन भी करती हैं। इस संगठन में हमें स्कूलों की तरह बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
बठिंडा जिले की नेता परमजीत कौर कोटरा ने कहा कि लड़ाई पंजाब के गांवों से शुरू हुई और बादल के गांव व पटियाला में मोर्चे के साथ समाप्त हुई। यह किसानों और मजदूरों की एकता के कारण था कि राजनेताओं को आंदोलन का समर्थन करने के लिए मजबूर किया गया। देश के नेता चौड़ी सड़कें और ऊंचे पुल बनाकर विकास के नारे लगा रहे हैं, लेकिन टोल प्लाजा स्थापित करके लोगों को लूटा जा रहा है। डीजल और पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं। यह मुद्रास्फीति में वृद्धि का कारण है। बड़ी कंपनियों को मानवीय श्रम को दूर करना होगा। उन्होंने कहा हमारी आधी आबादी हमारी माताओं और बहनों को बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होना चाहिए।
सीता रानी भोडीपुरा ने कहा कि हमें परिवारों के साथ आंदोलन में शामिल होना चाहिए। सभी वर्गों को एकजुट करने के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को बंद करने और शराब के ठेके खोलने से हमारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
बलजीत कौर माहिना ने कहा कि मोदी सरकार कोरोना बीमारी का जरूरत से ज्यादा आतंक फैलाकर किसान आंदोलन से लोगों का ध्यान हटाना चाहती है। सरकार अपने कर्तव्यों से भाग रही है। लोगों को बीमारी से बचाने के लिए अच्छी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना आवश्यक है। लोकगायक जगसीर जीदा की संगीत मंडली ने क्रांतिकारी भाषण देकर और गीत गाकर और लोगों को संघर्ष करने के लिए उत्साह से भर दिया।