बहादुरगढ़ ब्लॉक को रेजिडेंशियल जोन की घोषणा, केएमपी एक्सप्रेस-वे से बहादुरगढ़-झज्जर रोड पर प्रवेश और निकास एंट्री सहित राष्ट्रीय राजमार्ग 352ए में जमीन अधिग्रहण का उचित मुआवजा आदि मांगों को लेकर रमेश दलाल के नेतृत्व में हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन चलाया जा रहा है। अब आंदोलन में सरकार को मांगे मानने के लिए दी गई समय सीमा समाप्त हो गई है।
गौरतलब है कि आंदोलन में सरकार को 13 अगस्त तक का समय दिया था तथा मांगे ना माने जाने की स्थिति में 14 अगस्त से बहादुरगढ़, जुलाना व दादरी में रेल रोकने की चेतावनी दी गई थी। ऐसे में अब सरकार द्वारा कोई सकारात्मक जवाब न मिलने के कारण आंदोलन कर रहे लोगों ने रेल रोकने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी को लेकर मंगलवार को गांव मांडौठी में पंचायत बुलाई गई। पंचायत की अध्यक्षता दलाल खाप चौरासी के प्रधान चौ. भूप सिंह दलाल ने की। किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि आंदोलन में दी गई रेल रोकने की चेतावनी पर वह यथावत अडिग है तथा रेल रोकने की पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है।
रमेश दलाल का कहना है कि स्वाभिमान आंदोलन में रेल रोकने के फैसले को देश भर के विभिन्न किसान संगठनों व 224 महिला संगठनों ने समर्थन किया है। बताया जा रहा है कि रेल रोको कार्यक्रम में अगर सरकार द्वारा कोई भी अत्याचार किया तो 15 अगस्त को विभिन्न किसान संगठन देशभर में 62 जगह रेलों को रोक देंगे, जिसके लिए स्वाभिमान आंदोलन के वालंटियर्स दो दिन पहले ही विभिन्न किसान संगठनों के पास पहुंच चुके है तथा तय किए गए 62 बिंदुओं पर डेरा डाल लिया गया है। रमेश दलाल ने बताया कि सिर्फ किसान संगठन ही नहीं 224 महिला संगठनों ने भी जिम्मेदारी ली है। मांडौठी पंचायत में आसपास के क्षेत्र के सभी गांव के अलावा रईया गांव व सोनीपत जिले में मंडोरा, जाहरी और रसोई गांव में चल रहे हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन के धरने से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। पंचायत में सभी लोगों ने 14 अगस्त को रेल रोकने के फैसले का समर्थन किया।