अनाज मंडी से सरसों वापस लेकर जाते किसान।
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झज्जर। फसल की खरीद के लिए फिलहाल तक आधिकारिक तौर पर शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। इस बार लॉकडाउन के चलते 15 अप्रैल से खरीद शुरू होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। फिलहाल किसानों ने सरसों की फसल निकालने के साथ साथ फसल को बेचने के लिए मंडी में आना शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार मंडियों में खरीद कि फिलहाल तक कोई तैयारी नहीं है, क्योंकि सरकार की ओर से 14 अप्रैल तक कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन की घोषणा की हुई है। इस कारण फिलहाल आढ़ती भी अनाज मंडी में सरसों नहीं डलवा रहे हैं। जिसके चलते किसानों को अपने वाहनों में सरसों को वापस ही घर ले जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इससे पहले 25 मार्च से सरसों की खरीद शुरू हो जाती थी और 1 अप्रैल से गेहूं की फसल मंडी में आने लगती थी। सरकारी शेड्यूल के अनुसार 25 मार्च सरसों 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद का कार्य अनाज मंडी में शुरू हो जाता था। जिले में सरसों की खरीद के लिए तीन या चार मंडी निर्धारित की जाती थी। जबकि गेहूं की खरीद के लिए जिला में नौ मंडियां बनाई गई हैं। इन मंडियों में अनाज की खरीद चार एजेंसियों की ओर से की जाती है। लॉकडाउन के चलते गेहूं की खरीद का शेड्यूल अभी तक जारी नहीं किया गया है।
- लॉकडाउन लागू होने से पहले शुरू कर दी थी मंडियों में तैयारी
जिले में लॉक डाउन लागू होने से पहले अनाज मंडियों में फसल की खरीद के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई थी। लेकिन कोरोना वायरस के चलते सरकार को लॉक डाउन लगाना पड़ा। जिसके कारण अनाज की खरीद का फसला टालना पड़ा। मुख्यमंत्री ने 15 अप्रैल से सरसों और 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद करने का आश्वासन दिया हुआ है।
डीसी भी ले चुके हैं बैठक
अनाज की खरीद को लेकर उपायुक्त भी अधिकारियों व आढ़तियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुके हैं। लेकिन अनाज की खरीद के दौरान भी सोशल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखना होगा। फिलहाल जिला में सरसों की कढ़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं गेहूं की कटाई कार्य भी जारी है। जिन किसानों के पास कंबाईन आदि हैं। उन किसानों ने तो गेहूं निकालना भी शुरू कर दिया है।
लॉकडाउन के कारण फिलहाल तक सरसों की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। सरसों लेकर आने वाले किसानों को वापस ही भेजा जा रहा है। सरकार के आदेश आने के बाद ही खरीद शुरू हो पाएगी।
- चांद सिंह पहलवान, प्रधान, अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन, झज्जर।