संवाद न्यूज एजेंसी
बादली। देवरखाना गांव में एक नाबालिग की प्राइवेट नौकरी दिखाकर पूरे परिवार को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया गया है। परिवार एक बार फिर से बीपीएल सूची में शामिल करवाए जाने की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। शुक्रवार को परिवार के सदस्य तहसील कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से गरीबी का हवाला देकर बीपीएल सूची में दोबारा से नाम शामिल करने की गुहार लगाई।
गांव देवरखाना की गीता पति हेमराज के साथ तहसील कार्यालय पहुंची। तहसील कार्यालय में गीता ने बताया कि उसका परिवार पिछले कई सालों से बीपीएल सूची में शामिल है, लेकिन अब प्रशासन की ओर से उसका कार्ड काट दिया गया है। गीता ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में उसके 16 वर्षीय पुत्र हर्ष की प्राइवेट नौकरी दिखा दी गई, जबकि उसके परिवार में कोई भी सदस्य नौकरी नहीं कर रहा है।
परिवार की हालत गरीबी में गुजर रही है। यहां तक कि मकान भी कच्चा और जर्जर हाल है। ऐसे में उन्हें बीपीएल परिवार की सूची में शामिल किया जाए। गीता ने अधिकारियों को बताया कि परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। वहीं कार्यालय में एसडीएम न होने के चलते दंपती ने नायब तहसीलदार को शपथ पत्र भी दिया है।