संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। तीन जिलों के पानी को यमुना नदी तक पहुंचाने वाली ड्रेन नंबर आठ का जलस्तर बढ़ने लगा है। बारिश के मौसम में ड्रेन का जलस्तर बढ़ने के कारण उपायुक्त ने साथ लगते गांवों में ठीकरी पहरा लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। करीब 4 हजार क्यूसेक की ड्रेन में फिलहाल 2026 क्यूसेक पानी चल रहा है।
सोनीपत के गोहाना से रोहतक होकर झज्जर आने वाली ड्रेन की झज्जर की भिंडावास झील तक क्षमता करीब 1557 क्यूसेक है और इससे आगे यमुना तक चार हजार क्यूसेक है। भिंडावास से आगे ड्रेन को आउटफाल ड्रेन नंबर आठ नाम दिया गया है।
झज्जर से नजफगढ़ होकर दिल्ली में यमुना नदी में गिरती है। जब यमुना का जलस्तर बढ़ता है तो इसके गेट बंद कर दिए जाते हैं और पानी बैक मार कर झज्जर क्षेत्र के खेतों में भर जाता है। जिलाधीश एवं उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने ड्रेन आठ में बरसात के मौसम में क्षमता से अधिक जल बहाव होने की आशंका को देखते हुए धारा 3 ऑफ पंजाब विलेज एंड स्माल टाउन एक्ट 1918 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में ठीकरी पहरा लगाने के आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेशों में कहा कि ड्रेन आठ के साथ लगते गांव ढराणा, बाकरा, बाघपुर, मांगावास, पलड़ा, बरानी, फोर्टपुरा, मारौत, सुरजगढ़ भिंडावास, कन्वहा, फतेहपुरी, सुंदरहेटी, सिलानी, सिलाना, कलोई, सौंधी, देवरखाना, मुंडाखेड़ा, लोहट सहित गांवों में कानून व्यवस्था बनाए रखने, ड्रेन के बांधों की निगरानी रखने, ड्रेन टूटने पर तुरंत सिंचाई विभाग को सूचित करने और जरूरत पड़ने पर ठीकरी पहरा लगाने के आदेश दिए गए हैं।
इन आदेशों की संबंधित बीडीपीओ और गांव के सरपंचों द्वारा अनुपालना कराई जाएगी। जिलाधीश ने कहा कि जनहित में जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी आदेश तक जारी रहेंगे।