बेरी स्थित मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में बुधवार को हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेकते हुए अपने परिवार के लिए मंगल कामना की। चौदस के दिन सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। नवरात्र से मेलामय बना हुआ बेरी का माहौल अपने अलग ही अंदाज में दिखाई दे रहा है। रात के समय में जगमगाती हुई रोशनी लोगों का स्वागत करती है। वहीं, दिन के समय में पूरे कस्बे में अलग ही रौनक देखने को मिली।
चौदस के दिन भी यहां पहुंचकर मां की प्रतिमा के दर्शन करने की परंपरा है। जिसके साथ ही इस दफा का मेला समाप्त हो गया। जिसका असर है कि श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेकने के बार यहां लगे मेले में जमकर खरीदारी की। प्रशासन की और से भी मेले के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम दिखाई दिए। बुधवार को दूर-दराज के क्षेत्रों से यहां श्रद्धालु पहुंचे। दरबार में पहुंचे भक्तजनों का कहना है क माता भीमेश्वरी देवी से जो मंन्नतें मांगी जाती है वे शीघ्र ही पूरी हो जाती है। बेरी में स्थित मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में वर्ष में दो दफा आने वाले नवरात्र के मौके पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
सप्तमी और अष्टमी के मौके पर यहां भारी भीड़ पहुंचती है। इस दफा के मेले में भी लाखों लोगों ने मां की प्रतिमा के दर्शन किए और आशीर्वाद लेते हुए अपने परिवार के लिए दुआएं मांगी। प्रशासनिक स्तर पर पुलिस एवं प्रशासन की और से भी यहा पुख्ता इंतजाम दिखाई दिए। बुधवार को चौदस के मौके पर सुबह से लोगों का मंदिर में पहुंचना प्रारंभ हो गया।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यह मान्यता महाभारत काल से चली आ रही है मां के दरबार में हर कोई अपनी हाजिरी लगाना चाहता है। सुबह साढ़े चार बजे मां की प्रतिमा को अंदर वाले मंदिर से बाहार वाले मंदिर में लाया गया मंदिर के पुजारी पुरुषोत्तम वशिष्ठ ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना करवाई। थाना प्रभारी कुलबीर सिंह ने बताया कि नवरात्रों के 9 दिनों में मां के दरबार में कोने-कोने से श्रद्धालू आते हैं। पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिसमें सादी वर्दी में महिला एवं पुरुष जवानों की ड्यूटियां लगाई गई हैं, ताकि किसी प्रकार की भी आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सके।