सिविल हॉस्पिटल में एक्स-रे मशीन के खराब होने से मरीजों को आधे अधूरे इलाज के साथ ही बैरंग लौटना पड़ा। कई दिन से मशीन के प्रिंटर में तकनीकी फॉल्ट आने से यह समस्या गहराई हुई है।
यहां कार्यरत स्टाफ के अनुसार कई दिन से प्रिंटर में कुछ परेशानी आ रही है। बायोमेडिकल इंजीनियर व जिस कंपनी की मशीन इंस्टॉल की हुई है उस कंपनी के अधिकारियों को फॉल्ट के बारे में बता दिया था। वीरवार को दिल्ली से कंपनी के दो सर्विस इंजीनियर यहां पहुंचे।
जांच में पाया कि एक्स-रे मशीन के प्रिंटर में खराबी है। फॉल्ट को ढूंढने के लिए वे घंटों मशक्कत करते रहे। कई दिन से एक्सरे कार्य बाधित होने से मरीज भी परेशान दिखे। एक्स-रे करवाने आए समीर, मुकेश, कृष्णा, कविता व संतोष ने बताया कि वे दो-तीन दिन से यहां इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं।
डॉक्टर ने ओपीडी जांच के बाद एक्स-रे करवाने के लिए परामर्श किया लेकिन अभी तक उनके एक्स-रे नहीं हो पाया है। बता दें कि एक्स-रे विभाग में रोजाना 70-80 मरीजों के एक्सरे हो जाते हैं। लेकिन पिछले दो-तीन दिन से यहां की व्यवस्था गड़बड़ाने से मरीजों को बिना एक्स-रे करवाए ही या तो घर लौटना पड़ रहा है या फिर प्राइवेट सेंटरों व हास्पिटलों में जाकर 250 से 300 रुपये तक में एक्सरे करवाना पड़ रहा है।
जबकि सिविल हॉस्पिटल में डिजिटल एक्स-रे की सुविधा है और इसके लिए कोई शुल्क तक नहीं लिया जाता। ऐसे में दर्द से कराहते हुए लोगों ने हॉस्पिटल मैनेजमेंट से जल्द मशीन ठीक करवाए जाने की मांग की है ताकि उन्हें बेवजह बाहर महंगे रेट पर एक्स-रे न करवाने पड़े।