बहादुरगढ़। शहर में सीवर व पानी की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने वाली अमरुत योजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नजफगढ़ रोड पर योजना के तहत सीवर की पाइप लाइन दबाने के कार्य में ट्रेंचलेस तकनीक अपनाने पर सवाल उठने लगे हैं। बालोर मोड़ के पास रहने वाले एक परिवार ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने सीवर दबाने का कार्य चलने के कारण उनके मकान और दुकान की दीवारों में दरारें आ गई हैं।
मकान मालिक सुमन राठी ने अपने मकान को हुए नुकसान की शिकायत करते हुए कहा कि ट्रेंचलेस तकनीक से काम करने के दौरान लापरवाही हुई है। बता दें कि इस तकनीक में सीवर लाइन दबाने के लिए सड़क को शुरू से अंत तक तोड़ना नहीं पड़ता। आवश्यकता के अनुसार 50 से 150 फुट की दूरी पर गड्ढा करके मशीन के जरिये भूमिगत खुदाई की जाती है और पाइप लाइन डाल दी जाती है। लेकिन जो गड्ढे किए गए हैं वो कटाव होने से कई-कई फुट तक फैल गए हैं। ये गड्ढे देखने में सुरंग से लगते हैं। जिससे मेन नजफगढ़ रोड कई जगह से धंस गया है। परियोजना बड़ी है, इसलिए सड़क पर यातायात में बाधा भी आ रही है। बारिश होती है तो सड़क पर पानी जमा हो जाता है। जिन दुकानों और मकानों का लेवल सड़क से नीचा है उनमें भी बारिश का पानी घुस जाता है।
वार्ड-13 से पार्षद सीमा वजीर राठी, वार्ड-14 से पार्षद जसबीर सैनी और वार्ड-15 से पार्षद मोनिका कपूर राठी ने कहा है कि सारा काम लापरवाही से हो रहा है। जिस तरह काम चल रहा है उससे बड़ा हादसा होने की आशंका है। ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए टेढ़ी मेढ़ी लाइनें जैसे-तैसे चालू कर दी जाएंगी, लेकिन भविष्य में रखरखाव में हमेशा समस्या आएगी। फिलहाल भी पूरे शहर के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, समय रहते काम को ठीक नहीं किया गया तो पूरे शहर के लोग भविष्य में भी दूषित पानी पीने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि तकनीकी तौर पर अनेक खामियों ने केंद्र सरकार के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट अमरुत के उद्देश्य को ही खराब कर दिया है। नजफगढ़ रोड के साथ की बस्ती कच्चा बाग के निवासी मंदरूप राठी का कहना है कि अगर यह काम सही तरीके से किया जाता तो जनता को इसका फायदा मिलता, लेकिन ऐसे तो अमरुत योजना ही नुकसान योजना बन जाएगी।
वार्ड-14 से नगर पार्षद जसबीर सैनी ने कहा कि यह परियोजना आमजन के लिए आफत बन गई है। घरों में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। साथ ही पानी की लाइनें भी टूट रही हैं। रोड पर जगह-जगह कटाव हो गया है। यह आमजन के लिए खतरनाक है। पुरानी सीवर लाइन पूरी तरह टूट चुकी है। इस लाइन को एक साल बाद बदला जाना था, लेकिन अधिकारी पता नहीं इस अमृत योजना को कहां लेकर घूम रहे थे। पब्लिक हेल्थ के सफाई ठेकेदार इन टूटे सीवर मेन होल को न बनाने के एवज में यह बहाना बनाते हैं की अधिकारी हम से टेंडर से अलग काम तो करवा लेते हैं लेकिन हमारा बिल बनाते समय आनाकानी करते हैं। सरिता सैनी ने कहा की यह जनता का काम है, इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि यह नई सीवर लाइन पकौड़ा चौक रोहतक रोड तक जानी है। वहीं झज्जर रोड, मंडी के पीछे वाली रोड की लाइन को भी रोहतक रोड तक लाया जाएगा। इस तरह सभी सीवर लाइन का पानी इसी नजफगढ़ रोड की नई 36 इंची लाइन से होता हुआ आगे बूस्टिंग स्टेशन में जाएगा। सरिता सैनी का कहना है कि इससे भविष्य में परेशानी बढ़ेगी।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष शीला राठी ने कहा कि सारा काम सही ढंग से चल रहा है। यह परियोजना शहर को बहुत सुविधा देगी। अत्याधुनिक तरीके से काम किया जा रहा है। परियोजना बहुत पड़ी है। इसके बावजूद अगर किसी को किसी तरह का नुकसान होता है तो जांच करवाई जाएगी और सुरक्षित तरीके से काम होना सुनिश्चित किया जाएगा।