नॉन लैदर में जो जूता 500 रुपये का आता था, अब 550 रुपये हो गया है। यानि 10 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। सिफी के सर्कुलर में बताया गया है कि 12 मार्च को बहादुरगढ़ फुटवियर क्लस्टर भवन में उद्यमियों की एक बैठक आयोजित की गई थी।
इसमें कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों, उत्पादन लागत में इजाफा और वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा हुई थी। उद्यमियों का कहना था कि पिछले कुछ समय से रबर, केमिकल, लेदर और अन्य आवश्यक सामग्री के दाम बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ गई है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए दाम बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। सिफी के वरिष्ठ उपप्रधान सुभाष जग्गा ने बताया कि दाम बढ़ोतरी के इस फैसले को लागू करके अपने सभी व्यापारियों व डीलरों को भी सर्कुलर भेज दिया है।
उद्यमी पवन जैन ने बताया कि दाम बढ़ोतरी का यह कदम उद्योग को आर्थिक दबाव से बाहर निकालने के लिए जरूरी है। यदि कच्चे माल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती है तो आने वाले समय में और भी बदलाव संभव हैं।
देश का सबसे बड़ा नॉन लैदर फुटवियर पार्क
बहादुरगढ़ में देश का सबसे बड़ा नॉन लैदर फुटवियर पार्क है। यहां पर करीब ढाई हजार फैक्टरियों में देश का 63 प्रतिशत फुटवियर बनता है। यहां पर हर रोज करीब डेढ़ करोड़ फुटवियर बनते हैं लेकिन अब कच्चे माल की सप्लाई कम होने और गैस की सप्लाई पर रोक लगने से उत्पादन करीब 50 प्रतिशत हो गया है।