बहादुरगढ़। धीरे-धीरे क्षेत्र में औद्योगिक इकाईयों में काम धंधे पटरी पर लौटने लगे हैं। उद्योगपतियों के मुताबिक लॉकडाउन के बाद 60 प्रतिशत की रिकवरी काम धंधों में आई है। उद्योगपति कोरोना काल में किसी भी तरह से नहीं घबरा रहे हैं। उद्योगपतियों की नजरें केवल और केवल काम धंधों पर है। उनकी सूझबूझ से ही लगातार इनमें तेजी देखने को मिल रही है। उद्योगपतियों का कहना है कि दीवाली पर्व तक काम धंधे पूरी तरह धरातल पर आ जाएंगे। क्षेत्र के बड़े उद्यमियों ने लघु उद्योग चलाने वाले उद्योगपतियों से भी आह्वान किया है कि वे किसी भी सूरत में घबराए नहीं बल्कि अपने काम धंधों पर विशेष ध्यान दें।
बहादुरगढ़ क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के पार्ट-ए और बी के अलावा एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16 और 17, पुराना औद्योगिक क्षेत्र, झज्जर रोड पर, निजामपुर रोड पर कुल तीन हजार फैक्ट्रियां हैं। इनमें अधिकतर फैक्ट्रियां ऐसी हैं जो कोरोना काल के बाद बंद हो गई थी। लघु उद्यमी इन्हें दोबारा चालू करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं बड़े उद्यमी भी लघु उद्यमियों से आह्वान कर रहे हैं वे अपनी फैक्ट्रियों को चालू करें। उनकी फैक्टरी चालू होने से न केवल उन्हें बल्कि अन्य सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्हें किसी भी सूरत में घबराने की जरूरत नहीं है।
फैक्ट्रियों में आने वाले कर्मचारियों को किया जा रहा सेनिटाइज
क्षेत्र की कंपनियों में कोरोना महामारी से बचने के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं। बहादुरगढ़ में बाइपास के नजदीक कसार के पास स्थित एक्वालाइट कंपनी के अलावा अन्य कंपनियों में काम के लिए पहुंचने वाले कर्मचारियों को सुबह और शाम दोनों समय सेनिटाइज के साथ-साथ टेम्प्रेचर भी चैक किया जा रहा है। काम करने वाले कर्मचारियों को मास्क उपलब्ध कराए जाते हैं। कंपनियों के वाहनों में भी कर्मचारियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ले जाया जाता है।
पटरी पर लौट रही है काम-धंधों की गाड़ी
एक्वालाइट शूज इंडस्ट्री के संचालक अविचल गुप्ता का कहना है कि कोरोना काल के दौरान एक बार तो काम-धंधे बिल्कुल ठप्प हो गए थे, लेकिन अब एक महीने से इसमें रिकवरी मिल रही है। अभी 60 प्रतिशत की रिकवरी काम-धंधों में आई है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही कोरोना काल से मुक्ति मिलेगी और काम-धंधे पहले की तरह पटरी पर लौट आएंगे। फिलहाल लेबर की समस्या भी कम ही आ रही है। फिलहाल मैटीरियल मिलने में कमी आ रही है। पहले उधारी पर माल मिल जाता था, लेकिन अब जितना कैश होगा, उसी के आधार पर माल मिल रहा है।
भारतीय बाजार पूरी तरह खुलते ही काम-धंधों में आएगी तेजी
केमिकल इंडस्ट्री के संचालक जितेंद्र गुप्ता का मानना है कि अभी भारतीय बाजार पूरी तरह से खुले नहीं है फिर काम धंधे आगे बढ़ रहे हैं। संभावना है कि अगले एक-दो माह में 40 प्रतिशत की जो कमी इंडस्ट्री में देखी जा रही है वह भी जल्द दूर हो जाएगी और काम धंधे पूरी तरह खुल जाएंगे।
इंडस्ट्री चालू होने से उद्यमियों में उत्साह
जेक्यूआर कंपनी (जूता उद्योग) के संचालक सुनील गर्ग का कहना है कि फिलहाल लोगों के पास पैसों की कमी देखने को मिल रही है। जैसे-जैसे काम-धंधे चालू होंगे तो पैसा भी बाजार में घूमेगा और उसके बाद कार्यों में तेजी आएगी। पहले के मुकाबले अब दोबारा से उद्योगपतियों में काम-धंधों के प्रति उत्साह देखने को मिल रहा है।