बादली। हरियाणा सरकार के बजट से कर्मचारियों और सेवानिवृत कर्मचारियों को भी उम्मीद है। सरकारी कर्मचारी नई योजनाओं का इंतजार कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में पेश होने वाले बजट पर कर्मचारी टकटकी लगाकर अपने लिए कुछ मिलने का सपना संजोए हुए हैं।
बजट से उम्मीद है कि कर्मचारियों को डीए मिलेगा और एरियर बहाल होगा। मेडिकल बिल और टीए बिल का भुगतान होगा व अस्थायी कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनेगी।
लंबित मांगों के पूरा होने की उम्मीद
कर्मचारियों की कई लंबित मांगें बजट में पूरा होनी चाहिए। राज्य में लाखों की संख्या में नियमित कर्मचारी हैं जिनके लिए सरकार को चाहिए कि एलटीसी दे और एसीपी के साथ-साथ एरियर देने का प्रावधान करे। स्वास्थ्य कर्मचारियों का जोखिम भत्ता बढ़ाया जाए व आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए नए बजट में नई योजना बनाई जाए।
- राकेश कुमार, बहुउद्देशीय स्वास्थ्यकर्मी।
पेंशनर्स पर करें फोकस
प्रदेश में दो लाख से ज्यादा पेंशनर्स हैं। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के रुके महंगाई भत्ते को बजट में शामिल किया जाए। लंबित भत्ते पेंशनर्स को दिए जाएं। इसके अतिरिक्त 2026-27 के लिए महंगाई भत्ता जारी किया जाए। नए वेतनमान के अनुसार एरियर भी देना है। इसके साथ ही पुरानी पैंशन बहाल की जाए।
- सतबीर, सेवानिवृत।
अस्थाई कामगारों पर ध्यान
अस्थायी कामगारों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा वर्करों, मिड डे मील वर्करों, जलरक्षकों, पैरा फिटरों, पंप आपरेटरों, दिहाड़ीदारों, आउटसोर्स कर्मियों, पंचायत, राजस्व, चौकीदारों, सिलाई अध्यापिकाओं सहित विभिन्न वर्गों का मानदेय बढ़ाया जाए। केंद्रीय बजट में जिस प्रकार से आंगनबाड़ी वर्करस को राहत दी गई है उसी प्रकार से प्रदेश सरकार भी आंगनबाड़ी वर्करस के लिए बजट का प्रावधान करें।
- कमलेश, ब्लॉक प्रधान आंगनबाड़ी वर्करस
फोटो 73: राकेश कुमार, बहुउद्देशीय स्वास्थ्यकर्मी।
फोटो 73: राकेश कुमार, बहुउद्देशीय स्वास्थ्यकर्मी।