बहादुरगढ़। हरियाणा के बिजली मंत्री पर वायदा खिलाफी को लेकर ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर्स यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने निगम के मंडल कार्यालय के बाहर काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनिट प्रधान दलबीर हुड्डा ने की। विरोध-प्रदर्शन में राज्य उप-प्रधान बंसीलाल, वरिष्ठ उप-प्रधान एवं एसकेएस ब्लाक प्रधान बिजेंद्र सैनी ने संयुक्त रूप से बताया कि 1 अक्तूबर 2023 को बिजली मंत्री के गृह क्षेत्र सिरसा में लगातार महापड़ाव शुरू किया गया था। 11 अक्तूबर तक महापड़ाव चला। इस दौरान बिजली मंत्री के साथ तीन-चार दौर की वार्ता हुई। इसमेेंं मंत्री ने बिजली कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने पर अपनी सहमति दी। साथ ही बिजली निगम के कच्चे कर्मचारियों को कौशल रोजगार से बाहर रखने की बात कही थी। इन सभी बातों पर सहमति जताई गई थी। इसके बाद यूनियन ने महापड़ाव को समाप्त कर दिया था। आज तीन महीने बीत जाने पर भी कोई प्रत्र जारी हुआ है। जिसको लेकर कर्मचारियों में भारी रोष है। यह निगम प्रशासन का तानाशाही पूर्ण रवैया है। इसी के साथ दोनों वितरण क पनियों यूएचबीवीएनव डीएचबीवीएन के कुछ सर्कल के 11 केवी फिल्डरों को फ्रैंचाइजी पर दे रही है। कर्मचारियों ने फीडरों को निजी हाथों में देने व बिजली मंत्री के वायदा खिलाफी को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्यकारी अभियंता के माध्यम से हरियाणा सरकार को मांग पत्र सौंपा। काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। ब्लाक प्रधान बिजेंद्र सैनी ने बताया कि आगामी फैसला रोहतक में होने वाली 4 फरवरी की एसकेएस हरियाणा की प्रदेश स्तरीय चेतावनी रैली में लिया जाएगा। इस मौके पर संदीप, राकेश कुमार, अमित, संतलाल, कुलदीप, विजय कुमार, दिनेश, दीपक, रवि नागर, सतपाल, अंनूज सैनी, हरिश, पंकज, सुखपाल, ललीत, उमेश, भगतसिंह, प्रशांत, प्रदीप, विनोद, मनोज, राजकुमार आदि मौजूद रहे।
-फोटो 51 : एसडीई को ज्ञापन सौंपते निगम कर्मचारी।
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