हड़ताली बिजली कर्मियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, हड़ताल में शामिल रहे जिले में कांट्रेक्ट आधार पर कुल 9 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है। इनमें से बहादुरगढ़ डिवीजन से सात कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा डीसी रेट पर काम करने वाले व हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों को हटाने के लिए नोटिस तैयार किए जा रहे हैं।
निगम के कार्यकारी अभियंता एसजी वत्स ने बताया कि हड़ताल के दौरान किसी भी तरह से लोगों को कोई परेशानी नहीं झेलने दी गई। उन्हें बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई गई। जहां-जहां लाइनों में फाल्ट आने की शिकायतें मिली उसी दौरान स्पेशल टीमों ने मौके पर पहुंचकर समस्या का निदान किया। इंजीनियरों की पूरी टीम अलर्ट है। उन्होंने बताया कि हड़ताल में शामिल रहने वाले कर्मचारियों की पूरी सूची तैयार कर ली गई। 216 स्थायी कर्मचारियों में से 191 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। डीसी रेट पर कार्यरत 61 में से 51 तो कांट्रेक्ट आधार पर 21 में से एक कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहा है।
सूर्या कंपनी व आउट सोर्सिंग के माध्यम से बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने का काम किया गया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे इन दिनों कम से कम लोड का इस्तेमाल करें। बिजली बचत पर ध्यान दें। अनावश्यक तौर पर फिजूल खर्ची न करें। एक्सईएन ने कहा कि हड़ताल के दौरान पहले से भी बेहतर बिजली लोगों को मिली है। इसके लिए बेहतर काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हड़ताल के पहले दिन शुरू होने से पहले जहां तीन जगह बिजली लाइनों पर चेन डालकर बिजली सप्लाई ठप करने का कार्य अवांछित लोगों ने किया है उनके खिलाफ इंडियन इलेक्ट्रिसिटी एक्ट व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कराया गया है।
उन्होंने बताया कि हड़ताल में किसकी क्या भूमिका रही है इसको लेकर भी पूरी नजर रखी जा रही है। झज्जर जिले में कुल 9 कांट्रेक्ट कर्मी नौकरी से हटा दिए हैं। इनमें से सात को अकेले बहादुरगढ़ डिवीजन, जबकि एक झज्जर व एक बेरी से शामिल हैं। इसके अलावा डीसी रेट पर काम करने वाले हड़ताली कर्मचारियों को हटाने के लिए भी नोटिस तैयार किए जा रहे हैं। उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पावर हाउसों पर पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। किसी भी उपभोक्ता को परेशान नहीं होने दिया गया। समय पर बिजली बिल को भरने व दूसरे कामकाज निपटाए गए हैं। अधिकारी हर परिस्थितियों पर नजर रखते हुए वर्क की मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं।
यूनियन ने कहा, हो गया समझौता, हड़ताल खत्म, किसी को नहीं हटाया
बहादुरगढ़। एचएसईबी वर्कर्ज यूनियन के बहादुरगढ़ युनिट प्रधान बिजेंद्र फौगाट ने वीरवार देर शाम कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सकारात्मक आश्वासन के बाद बिजली कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। निजीकरण के खिलाफ हड़ताल में शामिल रहे 9 बिजली कर्मचारियों को नौकरी से हटाने बात को भी उन्होंने गलत बताया। फौगाट ने कहा कि किसी कर्मचारी की सेवा खत्म नहीं की गई है। मुख्यमंत्री ने बिजली कर्मचारी यूनियन नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है। कर्मचारियों को भरोसा है कि इस बातचीत का परिणाम कर्मचारियों के हित में निकलेगा। सरकार निजीकरण के नुकसानों को समझेगी और कर्मचारियों के हित में फैसला होगा।