बहादुरगढ़। तीन महीने से अधिक समय से नए कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर टीकरी बॉर्डर पर बैठे आंदोलनकारियों को समर्थन देने का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार को भी अलग-अलग प्रदेशों से किसान यहां पहुंचे। पंजाब के भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के नेता परगट सिंह ने कहा कि सरकार उनके आंदोलन को खत्म करने का प्रयास कर रही है, लेकिन यह और तेज होगा। उन्होंने सरकार पर किसानों की बिजली काटे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे इससे नाराज हैं। परगट सिंह ने साफ तौर पर कहा कि वे बिजली के लिए कुंडी लगाएंगे। चाहे उन पर मुकदमा ही क्यों न कर दिया जाए। उधर नया गांव चौक के नजदीक स्थित ऑटो मार्केट मैदान पर भी किसानों की सभा लगातार जारी है।
इन्होंने दिया रविवार को समर्थन
रविवार को टीकरी बार्डर पर समर्थन देने वालों में हिसार के गांव लितानी से महिलाएं काफी संख्या में पहुंची। वहीं आल इंडिया किसान संघर्ष समिति तेलंगाना से भी किसान टीकरी बार्डर पर समर्थन देने के लिए आए। इसके अलावा कर्नाटक से, रोहतक की कलकल खाप के प्रधान राजपाल कलकल, हिसार से सुदेश कोयत, रोहतक से जसबीर सिंह नांदल, आर्य समाज से नित्यानंद स्वामी, जींद के गांव ईक्कस से महिलाएं, जुलाना जींद से रोहतास भी इस आंदोलन में समर्थन देने के लिए पहुंचे। मिस इंडिया अमृता गिल ने भी टीकरी बॉर्डर पर पहुंचकर किसानों के हाथ मजबूत किए।
जेल से रिहा होकर आए इन किसानों का हुआ स्वागत
26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान गिरफ्तार किए गए तनविंदर पुत्र दर्शन सिंह, सुखनाम पुत्र बहादुर सिंह, जगसीर पुत्र धना सिंह, जसविंद्र पुत्र होशियार सिंह, गुरमीत पुत्र दरबान सिंह को गिरफ्तार किया गया था। रविवार को उक्त किसान जेल से रिहा होकर टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे। यहां पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। हरियाणा किसान मंच सिरसा के प्रधान प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि जय जवान, जय किसान के नारे से केंद्र सरकार घबरा चुकी है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से भाजपा के नेताओं को भगाया जा रहा है। आंदोलन के नाम से अब भाजपा के मन में भय पैदा हो रहा है। अब किसान बिल्कुल भी नहीं मानेंगे, इन कानूनों को रद्द करवाकर ही दम लेंगे।
कुंडी लगाकर लेंगे बिजली : परगट सिंह
भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के प्रधान परगट सिंह ने कहा कि वे तीन महीने से शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं। सरकार लगातार उनके आंदोलन को कमजोर करने का काम कर रही है। यह बर्दाश्त नहीं होगा। सरकार कभी पानी की सप्लाई बंद कर देती है तो कभी सफाई वालों को नहीं आने देती। अब गर्मी का मौसम आ गया है। सरकार बिजली के तार काट रही है। उन्होंने कहा कि हम यहां पर मीटर नहीं लगाएंगे और तारों पर कुंडी डालकर बिजली चलाएंगे। किसानों पर पहले भी काफी मुकदमे दर्ज हुए हैं। चाहे कितने भी मुकदमे दर्ज हो जाएं, हम बिजली नहीं काटने देंगे। किसान लगातार गर्मी के संसाधन जुटा रहे हैं। अब एसी भी लगाए जाएंगे। फ्रिज पड़ाव में पहुंच गए हैं। पंखे भी लगा दिए गए हैं।