बिजली निगम के उच्च अधिकारियों ने शहर में झज्जर रोड स्थित एक फ्लोर मिल (आटा मिल) पर छापामार कार्रवाई करते हुए बिजली चोरी का हाई प्रोफाइल मामला पकड़ा है।
निगम के अधिकारियों ने कई घंटों में यह मामला पकड़ा। इसके बाद एम एंड पी विभाग द्वारा पुष्टि करने पर जुर्माने का एस्टिमेट बनाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इस मिल पर 40 से 50 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
एम एंड पी करनाल के कार्यकारी अभियंता, रोहतक एम एंड पी के एसडीओ स्तर के कई अधिकारियों और बहादुरगढ़ के एक्सईएन (आपरेशन) अनिल समेत कई अधिकारियों की विशेष टीम ने आटा मिल में छापा मारा। कई घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों को पता चला कि आटा मिल मालिक ने मीटर का सेंसर रिमोट बनवा रखा है और मीटर की सीलों को भी तोड़ा गया है। लेकिन जिस तरह से इस बिजली चोरी को अंजाम दिया जा रहा था इसकी भनक सहज ही लगने वाली नहीं थी। मगर अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बहादुरगढ़ में अब तक सबसे हाई प्रोफाइल बिजली चोरी के इस मामले का खुलासा कर दिया।
फ्लोर मिल ने 110 किलोवाट का बिजली कनेक्शन ले रखा है।
इसकी पुष्टि के लिए अधिकारियों ने मीटर को जांच के लिए रोहतक एम एंड पी विभाग को भेजा। जहां पुष्टि हुई कि मिल के लोगों ने मीटर के साथ छेड़छाड़ कर रखी है। वहीं मीटर का रिमोट भी बनवा रखा है। इस पर फ्लोर मिल मालिक को अपना पक्ष रखने के लिए अधिकारियों ने रोहतक तलब किया। कार्यकारी अभियंता एसजी वत्स ने बताया कि चोरी की पुष्टि होने के बाद एम एंड पी ने एस्टिमेट के हिसाब से जुर्माना लगाए जाने के लिए बहादुरगढ़ एक्सईएन ऑपरेशन को लेटर लिखा। लोड व चोरी के हिसाब से अधिकारियों ने जुर्माने का आंकलन शुरू किया है। अधिकारियों ने बताया कि कल तक बकाया व जुर्माने की राशि तय होने की संभावना है। अनुमान है कि फ्लोर मिल पर 40 से 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि बहादुरगढ़ में पहली बार इस तरह की बिजली चोरी का पर्दाफाश हुआ है।