पंचायत चुनाव में अति संवेदनशील घोषित गांव छारा में अजब तमाशा हुआ। चुनाव परिणाम से असंतुष्ट एक पक्ष के ग्रामीणों ने निर्वाचन कर्मचारियों को मतदान केंद्र से बाहर ही नहीं निकलने दिया।
निर्वाचन कर्मियों को बंधक बनाने की खबर सुनते ही इंस्पेक्टर प्रदीप खत्री की अगुवाई में भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह कर्मचारियों को ईवीएम और बाकी सामान समेत बसों में बैठाया। सारे स्टाफ को कड़ी सुरक्षा में चुनाव सामग्री समेत आईटीआई बहादुरगढ़ में बने चुनाव कंट्रोल रूम पहुंचाया गया। सरपंच पद के लिए दो बार मतगणना के बावजूद आखिरकार जितेंद्र को ही 60 वोटों से जीत मिली।
दरअसल, गांव छारा में शाम को मतदान संपन्न होने के बाद मतगणना शुरू कर दी गई। बताया गया है कि गणना में सरपंच पद के उम्मीदवार जितेंद्र की अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बिजेंद्र के मुकाबले 60 वोट ज्यादा मिली। बिजेंद्र पक्ष मतगणना से संतुष्ट नहीं हुआ तो दुबारा गणना की मांग की। निर्वाचन अधिकारी ने इससे मना किया तो हंगामा हो गया। 20 बूथों पर मतदान हुआ था।
मतगणना केंद्र के बाहर हजारों लोगों का हुजूम था और लोगों ने निर्वाचन स्टाफ को बाहर नहीं निकलने दिया। चर्चा है कि एक घंटे से ज्यादा वक्त तक स्टाफ को बंधक बनाकर रखा गया। केंद्र के बाहर भारी भीड़ को देख कर्मचारियों में खौफ रहा। आखिर भारी संख्या में पुलिस ने मौके पर पहुंच लोगों को समझाकर भीड़ घटाई। कर्मचारियों को मशीनों व मतदान सामग्री के साथ सुरक्षित बाहर निकाल बसों में बैठाया गया और बहादुरगढ़ पहुंचाया गया। यहां सरपंच पद की वोटों की गिनती दुबारा हुई।