नगर परिषद बहादुरगढ़ के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बहु प्रतीक्षित चुनाव सोमवार को होंगे। इन चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की स्थानीय इकाइयों में जबरदस्त हलचल रही है। पूर्व विधायक नफे सिंह राठी ने तो अध्यक्ष पद के लिए अपनी उम्मीदवार घोषित कर दी, लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस किसी भी पद के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम तक घोषित नहीं कर पाए हैं।
पहले दिलाई जाएगी शपथ, फिर चुनाव
जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए नियुक्त निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम मनीषा शर्मा ने इन दोनों पदों के चुनाव के लिए बैठक सोमवार 22 अगस्त को बुलाई है।
चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पूूर्व उन पांच नगर पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी, जो 24 जून को हुई पहली मीटिंग में शपथ लेने नहीं पहुंचे थे। परिषद के 31 वार्डों से नगर पार्षदों का चुनाव 22 मई को हुआ था, लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव अभी तक नहीं हुआ है। 24 जून की पहली मीटिंग में सिर्फ 26 पार्षदों को शपथ दिलाई जा सकी थी। 22 जुलाई को बुलाई बैठक बिना किसी कार्यवाही के स्थगित कर दी गई थी। अब तीसरी मीटिंग सोमवार को होगी। इस बैठक के एजेंडे में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव कराना भी शामिल है।
माहौल एकतरफा नहीं
परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों की दौड़ में भले ही कई पार्षद शामिल हों, लेकिन स्थिति साफ नहीं है। माहौल किसी भी एक पार्षद के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस और भाजपा अपने उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाए हैं। हां, पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की तरफ से उनकी पुत्रवधू मोनिका राठी अध्यक्ष पद के लिए सामने आई हैं।
भाजपा भी खुलकर नहीं आई सामने
भाजपा ने किसी पार्षद को अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। इसके बावजूद विधायक नरेश कौशिक ने दावा किया है कि दोनों पदों पर भाजपा के उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे। संभावना है कि भाजपा चुनाव के लिए मीटिंग शुरू होने से पहले प्रत्याशी घोषित कर सकती है। रविवार को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक गुप्ता भाजपा की ओर से मोनिका गर्ग के समर्थन में मोर्चा संभाले रहे।
सांसद ने ली मीटिंग
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने रविवार शाम को रोहतक स्थित अपने फार्म हाउस में नगर पार्षदों से बातचीत की। उन्होंने कुछ पार्षदों से एक-एक करके और कुछ से दो-तीन के समूहों में भी चर्चा की। सांसद से बातचीत करके लौटे एक पार्षद ने बताया कि मीटिंग में देर रात तक पार्टी का उम्मीदवार तय नहीं हो पाया। संभव है कि कांग्रेस भी सुबह 9 बजे तक अपने उम्मीदवार तय कर दे।
नहीं बोल रहे खुलकर
कई नगर पार्षद कभी कांग्रेस खेमे की मीटिंग में, कभी भाजपा, कभी इनेलो-नफे सिंह खेमे की मीटिंग में खड़े नजर आते हैं। सूत्रों से मिली जानकार के अनुसार रविवार को रोहतक में सांसद दीपेंद्र से कई नगर पार्षद मिले। इनमें से ही एक पार्षद ने इन सबके सांसद से मिलने की पुष्टि की।
मुकाबला आसान नहीं
परिषद के कुल 31 में से काफी पार्षदों ने रविवार शाम तक अपना फैसला खुलकर नहीं बताया। चुनाव जीतने के इच्छुक भी देर रात तक चुपके-चुपके चाल चलते रहे। तीन तरफ से जीत के दावे भी होते रहे। मगर यह कल ही साफ होगा कि ऊंट किस करवट बैठेगा।
उम्मीदवार अगर तीन रहे तो मुकाबला कुछ आसान रहेगा। थोड़े ही वोटों से निर्णय हो जाएगा, लेकिन दो उम्मीदवारों में टक्कर हुई तो फैसला इतना आसान नहीं। जीते कोई भी, नगर की राजनीति में बड़ी हलचल जरूर होगी।