लोकसभा चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा की हार के बाद हुड्डा खेमे ने झज्जर पर पूरा फोकस किया था, जिसका उन्हें फायदा भी मिला। लोकसभा चुनाव में भी झज्जर, बेरी व बादली सीट से दीपेंद्र को जीत मिली थी तो बहादुरगढ़ में करीब साढे़ छह हजार वोट से हार हुई थी। हुड्डा परिवार ने विधानसभा चुनाव में बिना किसी स्टार प्रचारक के यहां पर किला फतेह कर अपने गढ़ को न केवल बचाया बल्कि भाजपा के दिग्गज को हराकर साफ संदेश दिया है कि हुड्डा का गढ़ कोई नहीं भेद सकता। बादली में तो भाजपा के दो सीएम, तीन केंद्रीय मंत्री, चार सांसद व फिल्म अभिनेता सन्नी देओल प्रचार के लिए पहुंचे थे। वहीं हिमाचल के सीएम पहुंच न सके तो उन्होंने फोन से ही संबोधित किया था। वहीं कांग्रेस की ओर से केवल पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा ने प्रचार किया था।
गीता भुक्कल की हैट्रिक व डॉ. कादियान की छठी जीत
झज्जर विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता गीता भुक्कल जीत की हैट्रिक बनाने में कामयाब हो गई। वहीं गीता लगातार चौथी बार विधायक चुनी गई हैं, पूर्व में वे एक बार कलायत से विधायक रह चुकी हैं। वहीं बेरी से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. रघुबीर कादियान लगातार पांचवीं बार विधायक चुने गए हैं। वैसे डॉ. कादियान विधानसभा में छठी बार जाएंगे। वहीं बादली के कुलदीप वत्स को पहली बार तो बहादुरगढ़ के राजेंद्र जून को तीसरी बार विधानसभा जाने का अवसर मिला है।
दीपेंद्र का भावुक अंदाज कर गया काम
दीपेंद्र हुड्डा ने जिले की चारों विधानसभा सीटों पर करीब 16 कार्यक्रम किए थे। हर जगह दीपेंद्र ने भावुक अंदाज में कहा था कि मेरी हार का बदला लेना है। वो मेरी हार नहीं थी, बल्कि आपकी पगड़ी को ठोकर मारी गई है। इस बार यहां की सभी सीटें मेरी झोली में डाल दो और मुझे नया जीवन प्रदान करो। दीपेंद्र का यही भावुक अंदाज लोगों के दिल में उतर गया।