भारत निर्वाचन आयोग ने झज्जर जिले में विधानसभा चुनाव- 2019 के दौरान राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले खर्च की जांच-पड़ताल और निगरानी रखने के लिए अमिताव भट्टाचार्य (आईआरएस) 2002 बैच के वरिष्ठ अधिकारी को जिला झज्जर के लिए बतौर चुनाव खर्च पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। खर्च पर्यवेक्षक भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव के दौरान 50 हजार से ज्यादा कैश लेकर चलना अवैध है। फ्लाइंग स्कवॉयड और स्थायी निगरानी टीमें अपने-अपने एरिया में वाहनों की निरंतर चेकिंग करें।
किसी व्यक्ति, प्रत्याशी, कार्यकर्ता आदि के वाहन में 50 हजार रुपये से अधिक कैश, पोस्टर, चुनावी सामग्री, अन्य ड्रग्स, शराब, हथियार और दस हजार से अधिक की कीमत के गिफ्ट आइटम जो मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए है, मिलने पर वाहन को जब्त किया जा सकता है। इसलिए खर्च मॉनीटरिंग के लिए नियुक्त सहायक खर्च पर्यवेक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा गठित वीएसटी, वीवीटी, एंटी, शिकायत निगरानी कंट्रोल रूम, एमसीएमसी, फ्लाइंग स्कवॉयड टीमें और एसएसटी टीमें पूरी सजगता और सतर्कता के साथ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों की अनुपालना करते हुए पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपना दायित्व निभाएं।
खर्च टीमें करेंगे निगरानी
खर्च पर्यवेक्षक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय जून से मुलाकात की। खर्च पर्यवेक्षक ने इस उपरांत जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा चुनाव के दौरान चुनाव खर्च मॉनीटरिंग के लिए गठित टीमों के साथ बैठक की। अमिताभ भट्टाचार्य ने चुनाव खर्च मॉनीटरिंग टीमों को निर्देश देते हुए कहा कि स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के लिए राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय नियमानुसार ही खर्च करना होगा, इसके लिए जरूरी है कि खर्च मॉनीटरिंग टीमें राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों द्वारा किए जाने खर्च पर बारीकि से नजर रखें।
प्रत्याशी की खर्च सीमा 28 लाख रुपये
खर्च पर्यवेक्षक ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशी की खर्च की सीमा 28 लाख रुपये निर्धारित की गई है। प्रत्याशी को चुनाव खर्च का हिसाब रखने के लिए अलग से बैंक एकाउंट खोलना होगा और निर्वाचन अधिकारी द्वारा मुहैया करवाए गए खर्च रजिस्टर को मेंटेन करना होगा।
चुनाव खर्च का पूरा लेन-देन इसी बैंक एकाउंट के माध्यम से करना होगा। दस हजार रुपये तक की धनराशि का लेन-देन कैश हो सकता है। इससे अधिक की धनराशि का लेन-देन एकाउंट पेयी चेक के माध्यम से करना होगा। निर्वाचन अधिकारी द्वारा तय की गई तारीखों के अनुसार खर्च रजिस्टर का चुनाव अवधि के दौरान तीन बार नियुक्त निगरानी अधिकारी से निरीक्षण करवाना अनिवार्य है।