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Jhajjar-Bahadurgarh News: भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भक्ति भाव का दिन है एकादशी

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फोटो 76: पंडित अमिताचार्य गुभाना।
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बादली। सनातन धर्म में एकादशी का खास महत्व माना गया है जो कि भगवान विष्णु को समर्पित है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त एकादशी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मत है कि एकादशी के दिन लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी प्रकार के दुखों का नाश होता है। इसके अलावा, धन-संपत्ति में बढ़ोतरी होती है। इसके लिए साधक श्रद्धा भाव से एकादशी के दिन लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करते हैं। एकादशी पर्व की महिमा शास्त्रों में विस्तार पूर्वक किया गया है। महाभारत काल में पांडव भी एकादशी व्रत करते थे। हालांकि, दिन भर भूखे न रह पाने के चलते भीम केवल निर्जला एकादशी के दिन व्रत रखते थे। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक द्वारा जाने-अनजाने में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही व्रती पर धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। उनकी कृपा से जीवन में सभी प्रकार के भौतिक
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8 मई को मोहिनी एकादशी व्रत
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन मोहिनी एकादशी मनाई जाती है। पंचांग के अनुसार 7 मई को सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी शुरू होगी और 08 मई को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि गणना अनुसार 08 मई को मोहिनी एकादशी मनाई जाएगी।
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पंडित अमिताचार्य गुभाना।

फोटो 76: पंडित अमिताचार्य गुभाना।
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